21/09/2026
खैरात में नहीं चाहिए मुझे कुछ पल, अगर मुझसे मोहब्बत है तो हर लम्हा मेरे नाम कर।
टुकड़ों में मिला प्यार मुझे मंजूर नहीं, तुझ पर सिर्फ मेरा हक़ हो, ऐसा कोई इंतज़ाम कर।
या तो अपनी पूरी दुनिया सौंप दे मुझे, या फिर इस अधूरे सिलसिले को यहीं तमाम