01/02/2026
श्री चन्द्र जी महाराज विद्यालय में 'पुरातन छात्र सम्मेलन' का भव्य आयोजन
पुरानी यादों के बीच भावुक हुए गुरु और शिष्य; 1998 बैच के छात्रों ने बिखेरी चमक
श्रीचंद्र जी महाराज के प्रांगण में आज दिनांक 01/02/2026 को 'पुरातन छात्र सम्मेलन' (Alumni Conference) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर चुके पुराने छात्रों ने बढ़- चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे पूरा परिसर उत्साह और पुरानी यादों की सुगंध से सराबोर हो उठा।
गुरु-शिष्य परंपरा का अनूठा संगम
सम्मेलन के दौरान उस समय भावुक कर देने वाला दृश्य उपस्थित हो गया, जब पुरातन छात्रों ने अपने गुरुजनों के प्रति अगाध प्रेम और श्रद्धा व्यक्त की। छात्रों की भावनाओं ने न केवल शिक्षकों को आत्मविभोर कर दिया, बल्कि विद्यालय के गौरवशाली इतिहास को एक बार फिर जीवंत कर दिया। इस अवसर पर सभी आदरणीय गुरुजनों को पुरातन छात्रों द्वारा अंगवस्त्र और अन्य स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
मुख्य सूत्रधार: माखन गुप्त (बैच 1998)
इस सफल आयोजन के पीछे मुख्य सूत्रधार के रूप में वर्ष 1998 में कक्षा 8 उत्तीर्ण करने वाले पूर्व छात्र श्री माखन गुप्त की सराहनीय भूमिका रही। उन्होंने इस कार्यक्रम की पूरी जिम्मेदारी और आयोजन का कुशल निर्वहन किया। उनकी इस कर्मठता और विद्यालय के प्रति समर्पण को देखते हुए विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद ।
छात्रों के उत्साह से भरा रहा माहौल,
वर्षों बाद एक-दूसरे से और अपने शिक्षकों से मिलने का उत्साह छात्रों के चेहरों पर साफ झलक रहा था। विद्यालय प्रशासन ने इस आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम पुरातन और वर्तमान छात्रों के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करते हैं।
" आज पुराने छात्रों के विद्यालय आगमन पर भावविभोर हुवे श्री रामेश्वर प्रसाद यादव आचार्य जी ने कहा कि करीब 28 वर्षों बाद भी मिलने के उपरांत आप सभी ने जो सम्मान दिया है वो सम्मान आप सभी के जीवन में आपको भी मिले ऐसे सत्कर्मों पर आप चलते रहें,आगे बढ़ते रहें, जीवन है उतार चढ़ाव आते रहते हैं ,आपके जीवन में भी जब जब समस्याओं का दौर आए मुस्कुराते हुवे उससे लड़ें जीत आपकी होगी।"
आज के कार्यक्रम में उपस्थित रहने वाले आदरणीय गुरुजन श्री रामेश्वर प्रसाद यादव आचार्य जी,श्री रमाशंकर सिंह आचार्य जी,श्री इंद्रदेव मिश्रा आचार्य जी,श्री छेदी मिश्रा आचार्य जी, श्री जय प्रकाश तिवारी आचार्य जी, श्री ज्ञानेंद्र कुशवाहा आचार्य जी, श्री दिनेश मल्ल आचार्य जी ,श्री रामाशीष कुशवाहा आचार्य जी, श्री हुकुम आचार्य जी ।
कार्यक्रम का शानदार संचालन पूर्व छात्र गोपाल जायसवाल(1998) माखन गुप्त (1998) एवं संतोष यादव के द्वारा किया गया।