06/06/2024
अयोध्या अजेय है
अयोध्या आस्था है
अयोध्या श्रद्धा है
अयोध्या के राम है, राम की अयोध्या है
किसी के कुछ कहने और सुनने की आवश्यकता नहीं है अयोध्या सदा ही अपने रूप स्वरूप और पूज्य चरणों के अवतरण से तीनों लोकों के आस्था एवं श्रद्धा का केंद्र बिंदु है, कोई अयोध्या की महिमा और उसके शाश्वत परम्परा को न सुने न सुनाये अयोध्या अपने आप में पद्य है श्रुति है स्मरणीय है युगो युगों से अपने दुःख पीड़ा को सहन करते है अपने आदर्श की कसौटी को आत्मसात् किये अयोध्या माँ सरयू की पावन पवित्र सदानीरा जलधारा की भांति सतत् गतिमान है.........🙏🚩
अयोध्या के केवल एक ही राजा है वो है लोकनायक प्रभु श्री राघवेंद्र सरकार अयोध्या उन्ही को चलती है उन्ही को सुनती है उन्ही को भजती और दिन रात उन्ही में रमी रहती है अगर उनके राघव खुश तो उनकी समस्त अयोध्या अह्लादित एवं प्रसन्नचित रहती है यही अयोध्या का रंग है यही अयोध्या की लीला है छोटी मोटी सत्तायें उनके सरकार के चरणों की दास है इसी अयोध्या ने त्रेता में कभी अपने कोमल राजकुमार को वन जाते हुए अश्रुपूर्ण आँखों से विदा की थीं तो वही रघुकुलभूषण समस्त सृष्टि पर मानवता की रक्षा करते है सत्य धर्म नीति के शाश्वत मूल्यों की महान परिपाटी को पुनः स्थापित किये और धर्म ध्वजा फहराये तो अयोध्या ने दीपोत्सव मनाकर युगीन लोकोत्सव मनाया कालांतर में पीड़ाओ को दुःखो को झेलते हुए अयोध्या कलियुग के इस कलिकाल में अपने लला की भूमि के लिए वर्षों तक तप त्याग एवं कण कण खपाया एक छोटे से राजनीतिक परिणाम की प्रतिकूलता से आज उसी अयोध्या के प्रति आप की आस्था चंद मिनट में में घृणा में बदल गई निश्चित ही ऐसे कलियुगी राजनीतिक रामभक्त न तो राघव के चरणों के अनुरागी है न उनके धाम अयोध्या के बल्कि उन्हें अपने राजनीतिक स्वार्थो में निहित अज्ञानता का बोध है कृपया किसी भी प्रकार का संदेश व सामाजिक श्रुति एवं लोकाचार सुनने सुनाने से पहले अपने राम को याद करे........
हम राम जी के राम जी हमारे है.......🙏🚩
राघवचरणानुरागी
शिव भूषण..✍️