08/08/2026
अमरनाथ पांडे से मिलिए। ये वही युवा हैं जो AISA की प्रेसिडेंट नेहा बोरा पर काली स्याही फेंकने की वजह से नेशनल हेडलाइंस में छा गए।
पिछले 15 दिनों से झारखंड में छात्र लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे, यहाँ तक कि भूख हड़ताल पर भी बैठे थे। यह संघर्षरत युवाओं और राज्य सरकार के बीच एक सच्ची और केंद्रित लड़ाई थी।
लेकिन तभी, नेहा बोरा वहाँ आ गईं।
अमरनाथ के अनुसार, छात्रों की असली परेशानी पर बात करने के बजाय, माइक पर उनकी पहली बात यह थी, "मैं अब यहाँ हूँ। जो कर सकते हो करो, BJP के गुंडों।" बस इसी तरह, छात्रों के एक सच्चे आंदोलन को जबरदस्ती कंट्रोल करके BJP बनाम विपक्ष की राजनीतिक कहानी में बदलने की कोशिश की गई।
वहाँ मौजूद छात्रों और अभिभावकों ने तुरंत इस चाल को समझ लिया। उन्होंने नेहा को मंच से नीचे उतरने पर मजबूर कर दिया। बेइज्जत होकर, वह सड़क पर आ गईं और अपने जाने-पहचाने "आज़ादी" के नारे लगाने लगीं। ठीक उसी समय अमरनाथ ने तय किया कि बहुत हो चुका; उन्होंने स्याही की एक बोतल खरीदी और अपना कदम उठाया।
बाद में जब पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछे, तो अमरनाथ ने एक बड़ी बात कही। उन्होंने बिल्कुल साफ कर दिया कि वह RSS से नहीं हैं, उन्हें BJP से कोई पैसा नहीं मिलता, और उनके बैंक अकाउंट में ₹5,000 भी नहीं हैं। उन्होंने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि वह उमर खालिद जैसे विवादित लोगों के समर्थकों को अपने आंदोलन को बर्बाद करते हुए नहीं देख सकते थे।
किसी एक व्यक्ति की राजनीतिक ड्रामा की चाहत के कारण, छात्रों की 15 दिनों की सच्ची मेहनत, पसीना और भूख से किया गया संघर्ष पूरी तरह से दब गया।
भारत को सच में अमरनाथ पांडे जैसे जागरूक और निडर युवाओं की ज़रूरत है, जो मोहरे बनकर इस्तेमाल होने से इनकार करते हैं और अपने सच्चे संघर्षों को सस्ते राजनीतिक एजेंडे के लिए कंट्रोल नहीं होने देते! 🫡🔥
08/08/2026
Meet Amarnath Pandey. He is the young man who just made national headlines for throwing black ink at AISA President Neha Bora.
For the last 15 days, students in Jharkhand had been protesting tirelessly, even going on hunger strikes. It was a genuine, focused fight strictly between the struggling youth and the state government.
But then, Neha Bora arrived.
According to Amarnath, instead of addressing the students' actual pain, her very first line on the mic was, "I am here now. Do whatever you can do, BJP g00ns." Just like that, a pure student movement was being forcefully controlled and twisted into a political BJP vs. opposition narrative.
The students and parents present immediately saw through this script. They forced her to step down from the stage. Humiliated, she took to the road and started raising her usual "Azaadi" slogans. That is exactly when Amarnath decided he had seen enough, bought a bottle of ink, and made his move.
When reporters later questioned him, Amarnath made a massive statement. He made it absolutely clear that he is not from the RSS, is not paid by the BJP, and doesn't even have ₹5,000 in his bank account. He took action because he refused to watch supporters of controversial figures like Umar Khalid ruin their movement.
Because of one person's desperate need for political drama, 15 days of pure student hard work, sweat, and hunger were completely overshadowed.
India truly needs more aware and fearless youth like Amarnath Pandey who refuse to be used as disposable pawns and will not let their genuine struggles be controlled for cheap political agendas! 🫡🔥
02/08/2026
डेहरी नगर परिषद के EO विमल कुमार की निर्मम हत्या, पटना लौटते समय अपराधियों ने गाड़ी रोककर दिया वारदात को अंजाम।
बड़ी खबर रोहतास जिले से है, जहां डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद में पदस्थापित कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार की निर्मम हत्या कर दी गई है।
घटना औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र स्थित धनौती पुल के पास देर रात की है। बताया जाता है कि EO विमल कुमार शनिवार देर रात अपनी निजी कार से डेहरी से पटना लौट रहे थे, तभी अज्ञात अपराधियों ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक कर रुकवा लिया।
अपराधियों ने पहले ड्राइवर को अपने कब्जे में ले लिया और फिर विमल कुमार के साथ बेरहमी से मारपीट की और धारदार हथियार से हमला कर दिया। शुरुआत में गोली मारने की चर्चा थी, लेकिन चिकित्सकों के अनुसार उनके शरीर पर मारपीट और धारदार हथियार के गंभीर निशान मिले हैं।
गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलते ही औरंगाबाद और रोहतास के वरीय पुलिस पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे। औरंगाबाद पुलिस मामले की सघन जांच में जुटी है, हालांकि हत्या के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है।
बता दें कि मृतक EO विमल कुमार मूल रूप से गया जी जिले के शेरघाटी के रहने वाले थे, उनका परिवार फिलहाल पटना में रहता है। उनके परिवार में पत्नी, एक पुत्री और एक छोटा पुत्र है। सूचना मिलते ही परिजन सासाराम पहुंच गए हैं। शव का *सासाराम सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन ने बताया कि गोली लगने की बात स्पष्ट नहीं है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। वहीं पुलिस अधिकारी फिलहाल कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
20/07/2026
दाउदनगर में 20 घंटे बाद नहर से मिली लाश; टीचर कॉलोनी में चीख-पुकार, मां बोली - मेरा लाल लौटा दो।
औरंगाबाद। दाउदनगर शहर के वार्ड नंबर 25, टीचर कॉलोनी में सोमवार सुबह उस वक्त कोहराम मच गया, जब करीब 20 घंटे से हर्षित कुमार का शव बड़ी नहर (पटना मेन कैनाल) से बरामद हुआ। घर का इकलौता चिराग बुझते ही पूरे मोहल्ले में मातम पसर गया, मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
*अंडा लेने निकला और फिर नहीं लौटा*
जानकारी के अनुसार, हर्षित के पिता राहुल कुमार पेशे से शिक्षक हैं। वे मूल रूप से अरवल जिले के मेहंदिया थाना क्षेत्र के मडइला गांव के निवासी हैं, लेकिन पिछले करीब 10 सालों से परिवार के साथ दाउदनगर के वार्ड 25, टीचर कॉलोनी (अशोका फील्ड) में अपना घर बनाकर रह रहे हैं।
रविवार दोपहर करीब 2 बजे हर्षित घर से "अंडा लेने जा रहा हूं" कहकर निकला था। जब शाम तक वह घर नहीं लौटा तो परिजनों को चिंता हुई। पहले लगा कहीं खेलने चला गया होगा, लेकिन देर रात तक कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने आसपास के दुकानदारों, रिश्तेदारों और पूरे मोहल्ले में खोजबीन शुरू की, पर हर जगह निराशा हाथ लगी।
*केरा के पास नहर में मिला शव*
सोमवार सुबह करीब 10 बजे केरा के पास पटना मेन कैनाल में स्थानीय लोगों ने एक किशोर का शव तैरता देखा। शोर मचने पर भीड़ जुटी और दाउदनगर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नहर से बाहर निकलवाया। कपड़ों और हुलिए से परिजनों ने उसकी पहचान हर्षित के रूप में की।
*पुलिस जांच में जुटी*
थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला नहर में डूबने से मौत का लग रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि किशोर नहर तक कैसे पहुंचा।
इधर, घटना के बाद से मृतक की मां बार-बार बेहोश हो रही हैं। उनका एक ही विलाप है - "मेरा बेटा अंडा लेने गया था, उसे कौन ले गया..." पूरे टीचर कॉलोनी में सन्नाटा और शोक का माहौल है।
13/07/2026
रफीगंज के टिकरी गांव में मिला युवक:सिर्फ मनीष कुमार नाम बता रहा, लोगों से पहचान की अपील
रफीगंज प्रखंड के टिकरी गांव में एक युवक मिला है, जो अपना नाम मनीष कुमार बता रहा है। हालांकि, वह अपने गांव, पिता का नाम या अन्य कोई जानकारी नहीं दे पा रहा है, जिससे उसकी पहचान नहीं हो सकी है।
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