Gautam Singh

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14/09/2023

*वर्तमान में चल रहे offers*

*1,,रोज़गार अश्वमेघ विजेता offer:- 48 Direct sponser till 30 nov,,Reward,,Certificate & GNG worth of rs 5100*

*2,,,शंखनाद offer part 2:- till 30 Sep,,,Reward Dairy Callender,युवा Trophy, Goa, Chennai,Thailand,Dubai Tour*

*3,,Moral Icon award till 30 Nov with any 6 option,,,Thailand Tour*

*4,,Blockchain क्लब Royalty..Time,,till 31 October,,Reward:- प्रतिमाह 10,000 rs की Crypto 60 महिने तक*

*5,,BUSINESS Tycoon अवार्ड, Time 31 oct,यूरोप tour +2 लाख rs,,,,with 5 option*

*6,,अरबपति क्लब, time 1 Dec,,ऑस्ट्रेलिया tour + 5 लाख rs*

*7,,Moral 17 Award और सृजन Trophy 🏆 & Singapore Malaysia Tour..25 Sponsiring & total 2500 Joining on that team...Time till 1 Dec*

*8,,Real Eastate king & महिंद्रा थार,,time till 30 Nov*

*9,,Moral युवा सम्राट Trophy + E Bike,,time till 30 nov*

*10,,Moral Magnetic person अवार्ड + E Bike,,time till 30 nov*

*11,Moral रत्न अवार्ड + family tour of यूरोप & BMW Car,,time till 4 Feb 2024*

*स्वयं और Team के सभी लोगों को ये कराएं नई इबारत लिखें,,अरबपति बनने की प्रतिज्ञा के साथ आगे बढ़ें,,, जय मोरल, जय भारत*📲📲8423001020

12/09/2023

जो लोग छोटी-छोटी बातों पर रो देते हैं
वो किसी के बारे में दिमाग से
नहीं सिर्फ दिल से सोचते हैं..!! गौतम सिंह ✍️💐💐💐🌹🌹🌹

10/09/2023

*लखनऊ से सबसे बड़ी खबर*

लखनऊ, हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद CM योगी का आदेश-
कोई भी अस्पताल मरीज को वापस नहीं करेगा, अगर सरकारी अस्पताल में बेड नहीं है तो निजी अस्पताल में मरीज को भेजा जाएगा और पूरा खर्च राज्य सरकार करेगी-नवनीत सहगल ACS सूचना

आपके शहर के जिम्मेदार फोन न उठाएँ तो सीधे इन नंबरों पर कॉल करके मदद मांगे क्योंकि अब किसी को तो जवाब देना ही होगा :

Yogi Adityanath
0522- 2236181, 2289010, 2236167, 2235435, 2235735, 2236838

Keshav Prasad Maurya
0522-2238217

Brijesh Pathak
0522-2238088, 2213272
उत्तर प्रदेश हाई कोर्ट के आदेशानुसार सभी जिलाधिकारी व्हाट्सआप पर ऑन लाइन कर दिए गए हैं ।सीधे डीएम के व्हाट्सएप पर शिकायत कर सकते हैं .उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों के संपर्क...*
*District Magistrate Uttar Pradesh CUG*
*No's*
*Sl.No District CUG No.*
*1 DM Agra 9454417509*
*3 DM Aligarh 9454415313*
*4 DM Allahabad 9454417517*
*5 DM Ambedkar Nagar 9454417539*
*6 DM Amroha 9454417571*
*7 DM Auraiya 9454417550*
*8 DM Azamgarh 9454417521*
*9 DM Badaun 9415908422*
*10 DM Baghpat 9454417562*
*11 DM Bahraich 9454417535*
*12 DM Ballia 9454417522*
*13 DM Balrampur 9454417536*
*14 DM Banda 9454417531*
*15 DM Barabanki 9454417540*
*16 DM Bareilly 9454417524*
*17 DM Basti 9454417528*
*18 DM Bijnor 9454417570*
*19 DM Budaun 9454417525*
*20 DM Bulandshahar 9454417563*
*21 DM Chandauli 9454417576*
*22 DM Chitrakoot 9454417532*
*23 DM CSJM Nagar 9454418891*
*24 DM Deoria 9454417543*
*25 DM Etah 9454417514*
*26 DM Etawah 9454417551*
*27 DM Faizabad 9454417541*
*28 DM Farrukhabad 9454417552*
*29 DM Fatehpur 9454417518*
*30 DM Firozabad 9454417510*
*31 DM Gautambudh Nagar 9454417564*
*32 DM Ghaziabad 9454417565*
*33 DM Ghazipur 9454417577*
*34 DM Gonda 9454417537*
*35 DM Gorakhpur 9454417544*
*36 DM Hamirpur 9454417533*
*37 DM Hapur 8449053158*
*38 DM Hardoi 9454417556*
*39 DM Hathras 9454417515*
*40 DM J.P.Nagar 5922262999*
*41 DM Jalaun 9454417548*
*42 DM Jaunpur 9454417578*
*43 DM Jhansi 9454417547*
*44 DM Kannauj 9454417555*
*45 DM Kanpur Nagar 9454417554*
*46 DM Kashiram Nagar 9454417516*
*47 DM Kaushambhi 9454417519*
*48 DM Kheri 9454417558*
*49 DM Kushinagar 9454417545*
*50 DM Lalitpur 9454417549*
*51 DM Lucknow 9454417557*
*52 DM Maharaj Ganj 9454417546*
*53 DM Mahoba 9454417534*
*54 DM Mainpuri 9454417511*
*55 DM Mathura 9454417512*
*56 DM Mau 9454417523*
*57 DM Meerut 9454417566*
*58 DM Mirzapur 9454417567*
*59 DM* *Moradabad9897897040*
*61 DM MRT 1212664133*
*62 DM Muzaffar Nagar 9454417574*
*63 DM Mzn 9454415445*
*64 DM PA Mujeeb 9415908159*
*65 DM Pilibhit 9454417526*
*66 DM Pratapgarh 9454417520*
*67 DM Raebareili 9454417559*
*68 DM Ramabai Nagar 9454417553*
*69 DM Rampur 9454417573*
*70 DM Saharanpur 9454417575*
*71 DM Sambhal 9454416890*
*72 DM Sant Kabir Nagar 9454417529*
*73 DM Sant Ravidaas Nagar*
*9454417568*
*74 DM Shahjhanpur 9454417527*
*75 DM Shamli 9454416996*
*76 DM Shrawasti 9454417538*
*77 DM Siddhathnagar 9454417530*
*78 DM Sitapur 9454417560*
*79 DM Sonbhadra 9454417569*
*80 DM Sultanpur 9454417542*
*81 DM Unnao 9454417561*
*82 DM Varansi 9454417579*

सीधे जिलाधिकारी से संपर्क। अपने सगे संबंधियों के पास भी भेजें।

25/08/2023

हम बदल‌ जाए, ऐसा ख्याल, तुम अपने ज़हन से निकाल दो...
बदल जाएंगे हम,पहले अपनी फितरत से चलाकी त्याग दो। गौतम सिंह।।💐💐💐💐🙏🙏

Photos from Gautam Singh's post 23/08/2023
19/08/2023

मास्टर माइंड कोचिंग सेंटर
स्थान लूसी शिक्षण संस्थान बांसडीह रोड़
कक्षा 9 से 12 up Board
6 से 12 CBSE Board
Time साम 3:00pm to 6:00pm

12/08/2023

*कुछ लोग तुम्हारी राह में*
*हमेशा*
*पत्थर ही फेंकेगें,*
*अब ये*
*तुम्हारे उपर निर्भर करता है कि*
*तुम उन पत्थरों से क्या बनाते हो!!*
*मुश्किलों की दीवार.....*
*या फिर*
#कामयाबी # का पुल...। गौतम सिंह

26/07/2023

अकबर के नौ-रत्नों से इतिहास भर दिया गया है, पर उज्जैन के महाराजा विक्रमादित्य के नवरत्नों की कोई चर्चा पाठ्यपुस्तकों में नहीं है।

जबकि सत्य यह है कि अकबर को महान सिद्ध करने के लिए महाराजा विक्रमादित्य की नकल करके कुछ धूर्तों ने इतिहास में लिख दिया कि अकबर के भी नौ रत्न थे।

राजा विक्रमादित्य के दरबार के नवरत्नों के विषय में बहुत कुछ पढ़ा-देखा जाता है। लेकिन बहुत ही कम लोग ये जानते हैं कि आखिर ये नवरत्न थे कौन-कौन।

राजा विक्रमादित्य के दरबार में मौजूद नवरत्नों में उच्च कोटि के कवि, विद्वान, गायक और गणित के प्रकांड पंडित शामिल थे, चलिए जानते हैं वो कौन थे।

1. धन्वन्तरि- नवरत्नों में इनका स्थान गिनाया गया है। इनके रचित नौ ग्रंथ पाये जाते हैं। वे सभी आयुर्वेद चिकित्सा शास्त्र से सम्बन्धित हैं। चिकित्सा में ये बड़े सिद्धहस्त थे। आज भी किसी वैद्य की प्रशंसा करनी हो तो उसकी ‘धन्वन्तरि’ से उपमा दी जाती है।

2. क्षपणक- जैसा कि इनके नाम से प्रतीत होता है, ये बौद्ध संन्यासी थे। इससे एक बात यह भी सिद्ध होती है कि प्राचीन काल में मन्त्रित्व आजीविका का साधन नहीं था अपितु जनकल्याण की भावना से मन्त्रिपरिषद का गठन किया जाता था। यही कारण है कि संन्यासी भी मन्त्रिमण्डल के सदस्य होते थे। इन्होंने कुछ ग्रंथ लिखे जिनमें ‘भिक्षाटन’ और ‘नानार्थकोश’ ही उपलब्ध बताये जाते हैं।

3. अमरसिंह- ये प्रकाण्ड विद्वान थे। बोध-गया के वर्तमान बुद्ध-मन्दिर से प्राप्य एक शिलालेख के आधार पर इनको उस मन्दिर का निर्माता कहा जाता है। उनके अनेक ग्रन्थों में एक मात्र ‘अमरकोश’ ग्रन्थ ऐसा है कि उसके आधार पर उनका यश अखण्ड है। संस्कृतज्ञों में एक उक्ति चरितार्थ है जिसका अर्थ है ‘अष्टाध्यायी’ पण्डितों की माता है और ‘अमरकोश’ पण्डितों का पिता। अर्थात् यदि कोई इन दोनों ग्रंथों को पढ़ ले तो वह महान् पण्डित बन जाता है।

4. शंकु- इनका पूरा नाम ‘शङ्कुक’ है। इनका एक ही काव्य-ग्रन्थ ‘भुवनाभ्युदयम्’ बहुत प्रसिद्ध रहा है। किन्तु आज वह भी पुरातत्व का विषय बना हुआ है। इनको संस्कृत का प्रकाण्ड विद्वान् माना गया है।

5. वेतालभट्ट- विक्रम और वेताल की कहानी जगतप्रसिद्ध है। ‘वेताल पंचविंशति’ के रचयिता यही थे, किन्तु कहीं भी इनका नाम देखने सुनने को अब नहीं मिलता। ‘वेताल-पच्चीसी’ से ही यह सिद्ध होता है कि सम्राट विक्रम के वर्चस्व से वेतालभट्ट कितने प्रभावित थे। यही इनकी एक मात्र रचना उपलब्ध है।

6. घटखर्पर- जो संस्कृत जानते हैं वे समझ सकते हैं कि ‘घटखर्पर’ किसी व्यक्ति का नाम नहीं हो सकता। इनका भी वास्तविक नाम यह नहीं है। मान्यता है कि इनकी प्रतिज्ञा थी कि जो कवि अनुप्रास और यमक में इनको पराजित कर देगा उनके यहां वे फूटे घड़े से पानी भरेंगे। बस तब से ही इनका नाम ‘घटखर्पर’ प्रसिद्ध हो गया और वास्तविक नाम लुप्त हो गया। इनकी रचना का नाम भी ‘घटखर्पर काव्यम्’ ही है। यमक और अनुप्रास का वह अनुपमेय ग्रन्थ है। इनका एक अन्य ग्रन्थ ‘नीतिसार’ के नाम से भी प्राप्त होता है।

7. कालिदास- ऐसा माना जाता है कि कालिदास सम्राट विक्रमादित्य के प्राणप्रिय कवि थे। उन्होंने भी अपने ग्रन्थों में विक्रम के व्यक्तित्व का उज्जवल स्वरूप निरूपित किया है। कालिदास की कथा विचित्र है। कहा जाता है कि उनको देवी ‘काली’ की कृपा से विद्या प्राप्त हुई थी। इसीलिए इनका नाम ‘कालिदास’ पड़ गया। संस्कृत व्याकरण की दृष्टि से यह कालीदास होना चाहिए था किन्तु अपवाद रूप में कालिदास की प्रतिभा को देखकर इसमें उसी प्रकार परिवर्तन नहीं किया गया जिस प्रकार कि ‘विश्वामित्र’ को उसी रूप में रखा गया।

जो हो, कालिदास की विद्वता और काव्य प्रतिभा के विषय में अब दो मत नहीं है। वे न केवल अपने समय के अप्रितम साहित्यकार थे अपितु आज तक भी कोई उन जैसा अप्रितम साहित्यकार उत्पन्न नहीं हुआ है। उनके चार काव्य और तीन नाटक प्रसिद्ध हैं। शकुन्तला उनकी अन्यतम कृति मानी जाती है।

8. वराहमिहिर- भारतीय ज्योतिष-शास्त्र इनसे गौरवास्पद हो गया है। इन्होंने अनेक ग्रन्थों का प्रणयन किया है। इनमें-‘बृहज्जातक‘, सुर्यसिद्धांत, ‘बृहस्पति संहिता’, ‘पंचसिद्धान्ती’ मुख्य हैं। गणक तरंगिणी’, ‘लघु-जातक’, ‘समास संहिता’, ‘विवाह पटल’, ‘योग यात्रा’, आदि-आदि का भी इनके नाम से उल्लेख पाया जाता है।

9. वररुचि- कालिदास की भांति ही वररुचि भी अन्यतम काव्यकर्ताओं में गिने जाते हैं। ‘सदुक्तिकर्णामृत’, ‘सुभाषितावलि’ तथा ‘शार्ङ्धर संहिता’, इनकी रचनाओं में गिनी जाती हैं। इनके नाम पर मतभेद है। क्योंकि इस नाम के तीन व्यक्ति हुए हैं उनमें से-

1. पाणिनीय व्याकरण के वार्तिककार-वररुचि कात्यायन,
2. प्राकृत प्रकाश के प्रणेता-वररुचि
3. सूक्ति ग्रन्थों में प्राप्त कवि-वररुचि-हिन्द

24/07/2023

ॐ के उच्चारण से कितने फायदे हैं जानीए...??

एक घडी,आधी घडी,आधी में पुनि आध तुलसी चरचा राम की, हरै कोटि अपराध
1 घड़ी= 24मिनट
1/2घडी़=12मिनट
1/4घडी़=6 मिनट
क्या ऐसा हो सकता है कि 6 मि. में किसी साधन से करोडों विकार दूर हो सकते हैं। उत्तर है हाँ हो सकते हैं
वैज्ञानिक शोध करके पता चला है कि सिर्फ 6 मिनट *ऊँ* का उच्चारण करने से सैकडौं रोग ठीक हो जाते हैं जो दवा से भी इतनी जल्दी ठीक नहीं होते.. छः मिनट ऊँ का उच्चारण करने से मस्तिष्क मै विषेश वाइब्रेशन (कम्पन) होता है.... और औक्सीजन का प्रवाह पर्याप्त होने लगता है। कई मस्तिष्क रोग दूर होते हैं.. स्ट्रेस और टेन्शन दूर होती है,,,, मैमोरी पावर बढती है..लगातार सुबह शाम 6 मिनट ॐ के तीन माह तक उच्चारण से रक्त संचार संतुलित होता है और रक्त में औक्सीजन लेबल बढता है। रक्त चाप , हृदय रोग, कोलस्ट्रोल जैसे रोग ठीक हो जाते हैं..विशेष ऊर्जा का संचार होता है ......... मात्र 2 सप्ताह दोनों समय ॐ के उच्चारण से घबराहट, बेचैनी, भय, एंग्जाइटी जैसे रोग दूर होते हैं। कंठ में विशेष कंपन होता है मांसपेशियों को शक्ति मिलती है..थाइराइड, गले की सूजन दूर होती है और स्वर दोष दूर होने लगते हैं..पेट में भी विशेष वाइब्रेशन और दबाव होता है....एक माह तक दिन में तीन बार 6 मिनट तक ॐ के उच्चारण से पाचन तन्त्र , लीवर, आँतों को शक्ति प्राप्त होती है, और डाइजेशन सही होता है, सैकडौं उदर रोग दूर होते हैं..उच्च स्तर का प्राणायाम होता है, और फेफड़ों में विशेष कंपन होता है..फेफड़े मजबूत होते हैं,स्वसनतंत्र की शक्ति बढती है, 6 माह में अस्थमा, राजयक्ष्मा (T.B.) जैसे रोगों में लाभ होता है।आयु बढती है
ये सारे रिसर्च (शोध) विश्व स्तर के वैज्ञानिक स्वीकार कर चुके हैं इसमें कोई संसय नही है जरूरत है छः मिनट रोज करने की....
नोट:- ॐ का उच्चारण लम्बे स्वर में करें आप सदा स्वस्थ और प्रसन्न रहे यही मंगल कामना..

ऊं नम शिवाय, हर - हर महादेव, जय महाकाल, जय गोविंदा ✨🙏🕉️💖🔱

23/05/2022

*सोच अच्छी रखो लोग अपने आप अच्छे लगने लगेंगे , नियत अच्छी रखो काम अच्छे होने लगेंगे ।।*

15/05/2022

फल को जन्म देने के लिए फूल मर जाता है, ऐसा होता है प्रेम।

~ ओशो

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