31/12/2025
नतीजा फिर वही होगा सुना है साल बदलेगा।
परिंदे फिर वही होंगे शिकारी जाल बदलेगा।
बदलना है तो दिन बदलो बदलते क्यों हो हिस्सों को।
महीने फिर वही होंगे सुना है साल बदलेगा।
वहीं हाकिम, वही गुरबत, वही कातिल, वही जालिम।
बताओ कितने सालों में हमारा हाल बदलेगा।।
ई० मोहम्मद सगीर अहमद
जुगनू भाई– 8936886644
सामाजिक कार्यकर्ता सह भावी मुखिया प्रत्याशी
ग्राम-पंचायत अकरूआ
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