02/10/2026
अमेठी, 02 अक्टूबर 2026।
रणवीर रणंजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अमेठी में शासन के निर्देश एवं सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत झंडारोहण, स्वच्छता अभियान, रैली एवं भाषण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सेवा संकल्प अभियान के नोडल अधिकारी एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.ओम प्रकाश त्रिपाठी द्वारा झंडारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं महाविद्यालय परिवार ने परिसर की साफ-सफाई करते हुए स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। इसके उपरांत स्वच्छता एवं सामाजिक जागरूकता से संबंधित रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वच्छ परिसर, स्वच्छ समाज और स्वस्थ राष्ट्र का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि हवलदार विजय गरजोला ने संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखकर इसे दैनिक जीवन की आदत बनाने पर बल देना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यक्तिगत स्वास्थ्य के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी है और प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने में योगदान दे।
वक्ता प्रो. राधेश्याम सरोज ने अपने उद्बोधन में स्वच्छता के सामाजिक एवं नैतिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छ समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं स्वच्छ रहने और अपने परिवार तथा समाज को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। डॉ. देवेन्द्र मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि स्वच्छता किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों को सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने, कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की बात कही। डॉ. धनंजय सिंह ने अपने उद्बोधन में स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ जीवन के बीच संबंध को रेखांकित किया। प्रो.सुरेन्द्र प्रताप यादव ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता जितनी अधिक बढ़ेगी, समाज उतना ही स्वस्थ, अनुशासित और जिम्मेदार बनेगा। उन्होंने युवाओं से स्वच्छता के संदेश को अपने आसपास के लोगों तक पहुँचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना के वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी एवं सेवा संकल्प अभियान के उप नोडल अधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों में स्वच्छता, राष्ट्र निर्माण, सामाजिक उत्तरदायित्व, अनुशासन तथा नागरिक कर्तव्यों का बोध होना अति आवश्यक है। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी, छात्र, छात्राएं, एनसीसी कैडेट्स, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक उपस्थित रहे।