मिस्र के राष्ट्रपति होंगे मुख्य अतिथि, जानें इस गणतंत्र दिवस पर क्या होगा खास
देश में 26 जनवरी का दिन गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। भारत इस साल अपना 74वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। गणतंत्र दिवस के मौके पर हर साल राजधानी दिल्ली में लाल किले पर झंडा फरहाया जाता है और राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक कर्तव्य पथ पर बेहद भव्य और आकर्षक परेड होतीं हैं। इस वर्ष मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी 74वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। इस लेख में हम गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के अलावा इस बार गणतंत्र दिवस पर क्या खास होगा इस पर एक नजर डालेंगे।
कौन होगा मुख्य अतिथि
पीएम मोदी के निमंत्रण पर मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी 24 से 26 जनवरी तक भारत की राजकीय यात्रा करेंगे। अपने दूसरे राजकीय दौरे पर आ रहे राष्ट्रपति सीसी 74वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि भी होंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रपति सीसी के साथ पांच मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों सहित एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आएगा।
प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी होगी
मिस्र के राष्ट्रपति का 24 जनवरी को नई दिल्ली आने का कार्यक्रम है। राष्ट्रपति सीसी का 25 जनवरी को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उसी शाम उनके सम्मान में एक राजकीय भोज की मेजबानी करेंगी। राष्ट्रपति सीसी की आपसी हित के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर राष्ट्रपति सीसी से मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति एक व्यावसायिक कार्यक्रम में भारतीय व्यापार समुदाय के साथ बातचीत भी करेंगे।
भारत-मिस्र संबंध
उल्लेखनीय है कि भारत और मिस्र इस वर्ष राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष मना रहे हैं। यह पहली बार है कि मिस्र के राष्ट्रपति को हमारे गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। 2022-23 में भारत की G-20 की अध्यक्षता के दौरान मिस्र को भी ‘अतिथि देश’ के रूप में आमंत्रित किया गया है। गणतंत्र दिवस परेड में मिस्र की सेना का एक सैन्य दल भी भाग लेगा।
आइकॉनिक इवेंट्स सप्ताह का हो रहा आयोजन
देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने वाले भारतीय राष्ट्रीय सेना के दिग्गजों, लोगों और आदिवासी समुदायों को श्रद्धांजलि देने के लिए इस बार 74वां गणतंत्र दिवस समारोह सप्ताह भर तक मनाया जायगा। गणतंत्र दिवस पर सप्ताह भर चलने वाला समारोह 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती से शुरू होगा और 30 जनवरी को शहीद दिवस के रूप में खत्म होगा। समारोह का आयोजन 'जन भागीदारी' के दृष्टिकोण के अनुरूप किया जा रहा है।
- कर्तव्य पथ पर पारंपरिक मार्च के साथ-साथ इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह के हिस्से के रूप में विभिन्न नए कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इनमें वीर गाथा 2.0, दूसरी वंदे भारतम नृत्य प्रतियोगिता, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर सैन्य और तट रक्षक बैंड प्रदर्शन, NWM में एक अखिल भारतीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता, एक ड्रोन शो और प्रक्षेपण शामिल हैं।
- भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 126वीं जयंती (पराक्रम दिवस) मनाने के लिए आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आइकॉनिक इवेंट्स सप्ताह मना रहा है। इस दौरान कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जो नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान पर आधारित होंगे।
- 23 और 24 जनवरी को नई दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में एक सैन्य टैटू और जनजातीय नृत्य 'आदि-शौर्य - पर्व पराक्रम का' आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में 10 सैन्य टैटू प्रदर्शन और 20 जनजातीय नृत्य होंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन रक्षा मंत्रालय और जनजातीय मामलों के मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है, जबकि भारतीय तटरक्षक समन्वयक एजेंसी है। कार्यक्रम के ग्रैंड फिनाले में लोकप्रिय पार्श्व गायक कैलाश खेर की प्रस्तुति होगी।
- पर्यटन मंत्रालय 26 से 31 जनवरी, 2023 तक दिल्ली के लाल किले के सामने ज्ञान पथ पर "भारत पर्व" की मेजबानी करेगा। इसमें गणतंत्र दिवस की झांकी, सैन्य बैंड, सांस्कृतिक प्रदर्शन, पैन इंडिया फूड कोर्ट और शिल्प बाजार सभी शामिल होंगे।
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10/12/2022
सचिन, सहवाग और रोहित के बाद ईशान किशन ने लगाया वनडे दोहरा शतक।
दोहरा शतक इतना तेज़ लगाया है कि भारत आज वनडे में किसी टीम द्वारा बनाया गया रिकॉर्ड भी तोड़ सकता है.
35 ओवर में 300/2.
*🌈👉वैश्विक मंदी से क्यों जूझ रहा है यंग इंडिया? - समसामयिकी लेख🌈*
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*💁♂️संदर्भ:*
👉👉जैसा कि 2023 में वैश्विक आर्थिक विकास 2 प्रतिशत से नीचे चला गया है, भारत की आर्थिक वृद्धि 5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। यह भारत की संरचनात्मक ताकत और विकास चालकों का प्रतिबिंब है।
*💁♂️मुख्य विचार:*
👉👉वैश्विक विकास के लिए क्षणभंगुर झटकों और धर्मनिरपेक्ष ताकतों के संयोजन ने मध्यम अवधि के वैश्विक ठहराव की संभावना के साथ अत्यधिक अनिश्चित भविष्य का निर्माण किया है।
👉👉लेकिन इस वैश्विक मंदी में भारत को एक उज्ज्वल स्थान के रूप में देखा जा रहा है।
*💁♂️भारत की प्रगति के लिए जिम्मेदार कारक:*
*👉🏅विश्व की वृद्ध होती जनसंख्या*
❣️वैश्विक जनसंख्या उन देशों के समूह में तेजी से बूढ़ी हो रही है जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा बनाते हैं, जिससे मजदूरी, आपूर्ति के झटके, महामारी, और उम्र बढ़ने वाली आबादी से जुड़े उच्च ऋण स्तर पर दबाव बढ़ रहा है।
व्यापार और वित्त नीतियों का उपयोग न केवल अस्थायी झटकों से निपटने के लिए किया जा रहा है बल्कि उम्र बढ़ने वाली जनसंख्या और जलवायु परिवर्तन की धर्मनिरपेक्ष ताकतों से भी निपटने के लिए किया जा रहा है।
वैश्विक धर्मनिरपेक्ष शक्तियों में परिवर्तन के प्रति कम प्रवणता
सेवाओं के निर्यात में भारत एक सफलता की कहानी है, और वैश्विक आर्थिक मंदी के दौरान विनिर्माण की तुलना में सेवाओं का सिकुड़ना कम होता है।
पिछले दो दशकों के दौरान डिजिटल रूप से वितरित सेवाओं का वैश्विक निर्यात तीन गुना से अधिक हो गया है, जो माल के व्यापार से कहीं अधिक है, और भारत एक विजेता के रूप में खड़ा है।
*👉🏅भारत की युवा जनसँख्या*
❣️भारत के विकास को जनसांख्यिकीय लाभांश और युवा उभार से लाभ मिलता रहेगा।
भारत की जनसांख्यिकीय प्रोफ़ाइल प्रतिकूल व्यापक आर्थिक झटकों का सामना करने के लिए अच्छी स्थिति में है, और निवासियों से उधार लेने और भौतिक और मानव बुनियादी ढांचे पर अतिरिक्त खर्च के वित्तपोषण के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी का निर्माण करने के लिए जगह है।
*💁♂️भारत के लिए भविष्य के संभावित लाभ:*
❣️मजदूरी-कीमत के ऊपर की ओर बढ़ने के जोखिम कम
भारत की युवा आबादी मजदूरी-कीमत के ऊपर की ओर बढ़ने के जोखिम से बच जाएगी, श्रम बल की अधिकता को देखते हुए बेबी बूमर्स कामकाजी उम्र तक पहुंच जाएंगे।
❣️प्रजनन क्षमता में गिरावट
👉यह उम्मीद की जाती है कि महिलाओं की कार्यबल गतिविधि में वृद्धि होगी जो स्वाभाविक रूप से प्रजनन क्षमता में गिरावट के साथ होती है।
*💁♂️इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी*
👉 नवाचार का निर्माण
कामकाजी उम्र भी बचत के लिए प्रमुख वर्ष होती है, जो पूंजी के संचय, बुनियादी ढांचे के निर्माण और तकनीकी नवाचार के लिए महत्वपूर्ण है।
बूस्ट टू सेविंग रेट
सेवानिवृत्ति की लंबी अवधि के लिए बचत करने के प्रोत्साहन के रूप में होने वाली बचत में और वृद्धि अधिक दीर्घावधि के साथ बढ़ती है।
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JULY 29, 2022, FRIDAY, SHRAVAN SHUKLA PAKSHA, PARDIPADA VIKRAM, SAMVAT, 2079), शुक्रवार, श्रावण शुक्ल पक्ष, प्रतिपदा, वि. सं. 2079)
TODAY AN EYE ON
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 10 बजे चेन्नई में अन्ना विश्वविद्यालय के 42वें दीक्षांत समारोह में होंगे शामिल
• पीएम मोदी 69 स्वर्ण पदक विजेताओं को स्वर्ण पदक और प्रमाण पत्र देंगे, इस अवसर पर पीएम सभा को भी संबोधित करेंगे
• पीएम मोदी शाम 4 बजे गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी), गांधी नगर में भारत के पहले अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) का दौरा करेंगे
• गांधीनगर स्थित गिफ्ट सिटी में आईएफएससीए मुख्यालय की आधारशिला रखेंगे पीएम मोदी
• पीएम मोदी गिफ्ट सिटी में भारत का पहला अंतर्राष्ट्रीय बुलियन एक्सचेंज - आईआईबीएक्स भी लॉन्च करेंगे
• केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री, अमित शाह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के पूरा होने पर केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री, धर्मेंद्र प्रधान की उपस्थिति में नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में दो साल के परिवर्तनकारी परिवर्तन पर दोपहर 3:45 बजे नई पहल करेंगे शुरू
• विदेश राज्य मंत्री डॉ. राजकुमार रंजन सिंह उत्तर-पूर्व भारत महोत्सव के दूसरे संस्करण के उद्घाटन और उसमें भाग लेने के लिए बैंकॉक, थाईलैंड की तीन दिवसीय यात्रा करेंगे शुरू
• नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सुबह 10 बजे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के सम्मान में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला द्वारा प्लेनरी हॉल और एट्रियम हॉल में एक कार्यक्रम का आयोजन
• मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शाम 4 बजे भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में "वित्तीय समावेशन सूचकांक रिपोर्ट" करेंगे जारी
• असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पूरे असम में 27 पेंशन सेवा केंद्रों का करेंगे उद्घाटन
• झारखंड विधानसभा मानसून सत्र आज से शुरू होगा और 5 अगस्त को रांची में होगा समाप्त
• उत्तर प्रदेश राज्य भाजपा चित्रकूट में पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए तीन दिवसीय बैठक-सह-प्रशिक्षण सत्र करेगी आयोजित
• तमिलनाडु, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) चावल सहित आवश्यक वस्तुओं पर 5% जीएसटी की निंदा करने के लिए केंद्र सरकार के कार्यालयों के सामने राज्यव्यापी प्रदर्शन करेगी आयोजित
• अहमदाबाद सत्र अदालत 2002 के दंगों के मामलों में निर्दोष लोगों को फंसाने के लिए कथित रूप से सबूत गढ़ने के मामले में कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और पूर्व डीजीपी आरबी श्रीकुमार की जमानत याचिकाओं पर सुनाएगी अपना आदेश
• 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी चौथे दिन भी रहेगी जारी
• संयुक्त राज्य अमेरिका और जापान वाशिंगटन में अपने विदेश और उद्योग मंत्रियों को शामिल करते हुए अपना पहला आर्थिक "टू-प्लस-टू" संवाद करेंगे आयोजित
• ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी, तरौबा, सैन फर्नांडो, त्रिनिदाद और टोबैगो में रात 8 बजे भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहला टी20 मैच
• अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस
प्रत्येक जिले में 75 अमृत सरोवर का होगा निर्माण
पीएम मोदी ने आगामी नव वर्ष (प्रतिपदा) में प्रत्येक जिले में 75 अमृत सरोवर (तालाब) बनाने का आह्वान किया है। इस संबंध में पीएम मोदी ने कहा, ”हम सब मिलकर एक काम कर सकते हैं। हम संकल्प करें कि इस वर्ष प्रतिपदा से अगले वर्ष प्रतिपदा तक, हर जिले में 75 अमृत सरोवर बनाएंगे। संभव हो तो हर जिले में ये अमृत सरोवर नए हों, बड़े हों।”
भू-जल बढ़ाने में मिलेगी मदद
कल्पना कर सकते हैं कि पीएम मोदी द्वारा लिया गया यह संकल्प पूरा होता है तो पूरे देश में जल संकट खत्म हो जाएगा और हमारी आने वाली पीढ़ियों का जीवन भी सुरक्षित हो जाएगा। देश में सूखा ग्रस्त इलाकों की पानी की समस्या का समाधान हो जाएगा। बुंदेलखंड जैसे इलाकों में कैंसर की तरह फैला पानी का संकट को समाप्त किया जा सकेगा। आगामी दिनों में जिसका लाभ छोटे किसानों, महिलाओं और यहां तक कि पक्षियों और जानवरों के लिए भी बहुत फायदेमंद होगा। देश में यदि प्रत्येक जिले में 75 अमृत सरोवर का निर्माण होगा तो भू-जल बढ़ाने में खासी मदद मिलेगी।
सभी राज्यों को देना होगा योगदान
देश में 700 से भी ज्यादा जिले हैं, ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यदि देश के प्रत्येक जिले में 75 अमृत सरोवर बनेंगे तो कितने बड़े स्तर पर जल एकत्रीकरण किया जा सकेगा। पीएम मोदी ने आह्वान किया है कि हर जिले में संभव हो तो यह अमृत सरोवर नए और बड़े आकार के हो ताकि अत्यधिक मात्रा में जल का संचयन किया जा सके। बताना चाहेंगे कि मध्य प्रदेश सरकार ने तो 75 जिलों में अमृत सरोवर बनाने का कार्य शुरू भी कर दिया है। इसके लिए अभी से जमीन तलाशने का कार्य शुरू कर कर दिया गया है। देश में जल संकट को मिटाना है तो सभी राज्यों को इसमें अपना योगदान देना होगा। पीएम मोदी ने हर राज्य सरकार, स्थानीय निकायों और पंचायतों से इस दिशा में काम करने की अपील भी की है।
कर सकते हैं मनरेगा की राशि का उपयोग
पीएम मोदी ने देश के प्रत्येक जिले में 75 अमृत सरोवर बनाने के लिए मनरेगा की राशि के उपयोग का सुझाव भी दिया है। हर जिले में 75 अमृत सरोवरों का निर्माण आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत उपयोगी होगा। इसका बहुत लाभ हमारी धरती माता को भी मिलेगा। बीते सालों में अत्यधिक मात्रा में धरती से जल के दोहन के कारण धरती में पानी की कमी हो गई है। इसलिए इस विकट समस्या को निपटाने का एकमात्र रास्ता जलाशयों का निर्माण करना है।
मॉनिटरिंग भी जरूरी
भू-जल बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय नीतियों की मॉनिटरिंग एवं कार्यान्वयन का काम भी जरूरी है। बता दें, देश में भू-जल बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय नीतियों की मॉनिटरिंग एवं कार्यान्वयन का काम केंद्रीय भूमि जल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) करता है। केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड (सीजीडब्ल्यबी), जल संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार का एक अधीनस्थ कार्यालय है। इस अग्रणी राष्ट्रीय अभिकरण को देश के भूजल संसाधनों के प्रबंधन, अन्वेषण, मॉनिटरिंग, आकलन, संवर्धन एवं विनियमन हेतु वैज्ञानिक संभरण उपलब्ध कराने का दायित्व सौंपा गया है। वर्ष 1970 में कृषि मंत्रालय के तहत समन्वेषी नलकूप संगठन को पुन:नामित कर केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड की स्थापना की गई थी। वर्ष 1972 के दौरान इसका आमेलन भूविज्ञान सर्वेक्षण के भूजल स्कंध के साथ कर दिया गया था।
हर साल की समस्या
देश में प्रत्येक वर्ष किसी न किसी इलाके में गर्मियों के दौरान पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है। आपको अगर याद हो साल 2019 में महाराष्ट्र के लातूर में जब पानी की समस्या गहराई थी तो लातूर जिले में उन दिनों ट्रेनों के जरिए पानी पहुंचाने का कार्य किया गया था। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा देश के कई इलाकों में टैंकरों के जरिए भी पीने का पानी सप्लाई किया जाता है।
पीएम मोदी के ‘नो वन इज लेफ्ट आउट’ दर्शन को सुनिश्चित करने के अनुरूप अब देश भर में पानी की समस्या का हल तलाशते हुए कार्य किए जाने जरूरी हो गए हैं। केंद्र सरकार इस दिशा में आगे बढ़ रही है। भारत सरकार ने अपनी नीतियों और फैसलों में जल प्रशासन को प्राथमिकता दी है। इसलिए पिछले 6 वर्षों में, इस दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, हर खेत को पानी अभियान, प्रति बूंद अधिक फसल अभियान और नमामि गंगे मिशन, जल जीवन मिशन और अटल भूजल योजना इस दिशा में देश में काम कर रही है। लेकिन सरकार के अलावा कुछ कार्य हमें स्वयं भी करने होंगे।
*💁♂️👉फ्लॉवर स्कोर्पियनफिश (Flower Scorpionfish)*📚
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💫हाल ही में एक यूनीक मछली प्रजाति " फ्लॉवर स्कॉर्पियन फिश" जो अभी तक केवल प्रशांत महासागर क्षेत्र में ही पाई जाती है , अब हाल ही में भारत के पश्चिम बंगाल के दीघा तट और ओडिशा के पारादीप में पाई गई है । इससे इस बात की संभावना बढ़ गई है कि यह मछली हिन्द महासागर क्षेत्र में भी है । इससे बंगाल की खाड़ी की समृद्ध जैव विविधता का भी पता चलता है।
💫फ्लॉवर स्कोर्पियनफिश का वैज्ञानिक नाम होपलोसेबस्ट्स अरमाटस ( Hoplosebastes Armatus) है और यह रे फिन्ड फिश के ऑर्डर से संबंधित है जिसे स्कोर्पेनीफॉर्मे( Scorpaeniforme) के नाम से भी जाना जाता है।
💫होपलोसेबस्ट्स अरमाटस को पहली बार साल 1929 में जापान के प्रशांत महासागरीय क्षेत्र में खोजा गया था। अभी तक इसे हिन्द महासागर में नही पाया गया था। अब भारतीय वैज्ञानिकों ने 13 अक्टूबर को ओडिशा के जगतसिंहपुर में पारादीप क्षेत्र के जल में फ्लॉवर स्कोर्पियनफिश के 22 स्पेसिमेन इकट्ठे किये हैं।
💫जूलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के वैज्ञानिकों ने इस खोज को अंजाम दिया है। वैज्ञानिकों ने अब यह निष्कर्ष दिया है कि इस मछली का भौगोलिक विस्तार उत्तर पश्चिम प्रशांत से हिन्द महासागर तक है।
💫फ्लॉवर स्कोर्पियनफिश की लंबाई 75 से 127 mm के बीच है जबकि इसके शरीर की चौड़ाई 14 से 22 मिलीमीटर है। इसका सिर इसके शरीर से भी बड़ा है। यह जापान के पूर्वी चीन सागर से जुड़े जल क्षेत्र में अधिक संख्या में पाई जाती रही है।
💫सभी स्कोर्पियन फिश कार्निवोर होती हैं और छोटी मछलियों और श्रीम्फ़ को खाती हैं।
💫रॉकफिश , स्टोनफिश , लायनफिश टर्की फिश , फायर फिश आदि स्कोर्पियनफिश के ही उदाहरण हैं । फ्लॉवर स्कोर्पियन फिश से भिन्न साधारण स्कोर्पियनफिश पश्चिमी अटलांटिक महासागर , फ्लोरिडा , बरमूडा , गल्फ ऑफ मेक्सिको , कैरेबियन सी में भी पाए जाते हैं।
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*💁♂️👉तालिबान के उदय का भारत-नेपाल सम्बन्धों पर प्रभाव*📚
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*चर्चा में क्यों?*
💫हाल ही में तालिबान की अफगानिस्तान में वापसी भारत के सम्मुख अनेक प्रकार की सुरक्षा चुनौतियाँ पेश कर सकता है जिसमें नेपाल सीमा के रास्ते उग्रवाद, आतंकवाद से संबंधित सुरक्षा चिंताए भारत के लिए बढ़ सकती है।
*💥भारत व नेपालः*💥
💫भारत नेपाल के साथ 1751 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है तथा उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम राज्य नेपाल के साथ अपनी सीमा साझा करते है।
💫नेपाल की नदियां निसंदेह पर्वतीय राष्ट्र के प्राकृतिक परिदृश्य को सुंदर बनाती है-
💫करनाल नदीः करनाल नदी नेपाल की सबसे लंबी नदियों में से एक है जो मानसरोवर झील के पास तिब्बती पठार से निकलती है। शे फोक्सुंडो नेशनल पार्क, शर नेशनल पार्क इस नदी के किनारे संरक्षित है।
💫करनाल नदी की अन्य सहायक नदियां हुमला करनाल, मुगु करनाल और सेती है। करनाल की मुख्य सहायक नदी भेरी है जो डोलपो क्षेत्र से निकलती है।
💫कोशी नदीः कोशी नदी सात मुख्य सहायक नदियों के कारण सप्तकोशी के नाम से जानी जाती है भारत में प्रवेश करने के बाद कोशी नदी को बिहार का शोक भी कहा जाता है। तमाकोशी, लिखू खोला, इंद्रावती नदियाँ कोशी की कुछ अन्य सहायक नदियाँ है।
💫गंडकी नदीः गंडकी नदी को नेपाल में नारायणी के नाम से जाना जाता है। गंडकी नदी का बेसिन, पश्चिम में करनाली बेसिन और पूर्व में कोसी नदी प्रणाली के बीच में स्थित है।
💫गंडकी, हिमालय से निकलकर दक्षिण-पश्चिमी दिशा में बहती हुई भारत में प्रवेश करती है। यह उत्तर प्रदेश में महाराजगंज और कुशीनगर जिलों से होकर बहते हुए गंगा में जाती हैं।
💫काली नदीः काली नदी का उदगम उत्तराखण्ड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित कालापानी नामक स्थान से होता है। काली नदी उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश के मैदानी भागों में पहुँचने पर शारदा नदी के नाम से जानी जाती है।
💫काली नदी नेपाल के साथ भारत की पूर्वी सीमा बनाती है जहाँ इसे महाकाली नदी कहा जाता है।
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*💁♂️👉यूएपीए (Unlawful Activities (Prevention) Act - UAPA)*📚
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*चर्चा में क्यों?*
💫गुवाहटी उच्च न्यायालय द्वारा यूएपीए की धाराओं के अंतर्गत गिरफ्तार 15 लोगों को जमानत दे दी गई I इन लोगों पर अफगानिस्तान में तालिबानी शासन के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखने का आरोप था I
*पृष्ठभूमि*
💫1967 में देश में गैर क़ानूनी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए यूएपीए कानून लाया गयाI किसी व्यक्ति या संघ द्वारा भारत की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को बाधित करने के उद्देश्य से की गई किसी भी कार्रवाई के मामले को यूएपीए के अंतर्गत शामिल किया जाता हैI भारत में बाह्य सुरक्षा (जैसे- सीमापार आतंकवाद, पूर्वोत्तर में विप्लव) और आंतरिक सुरक्षा (नक्सलवाद, संगठित अपराध जैसी ) चुनौतियाँ विद्यमान हैं I ऐसे में अपराधियों के मन में कानून के प्रति भय पैदा करने के लिए यूएपीए जैसे कठोर कानून की आवश्यकता महसूस की गई I
💫यूएपीए में 2004, 2008 और 2012 में संशोधन के बाद कानून के दायरे को व्यापक बनाते हुए इसमें देश की सुरक्षा के लिये खतरा पैदा करने वाले कार्य, उसकी आर्थिक सुरक्षा (वित्तीय और मौद्रिक सुरक्षा, भोजन, आजीविका, ऊर्जा पारिस्थितिक तथा पर्यावरण सुरक्षा) जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
💫यह कानून संविधान के अनुछेद-19 द्वारा प्रदत्त वाक् व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शस्त्रों के बिना एकत्र होने के अधिकार और संघ बनाने के अधिकार पर युक्तियुक्त प्रतिबंध आरोपित करता है।
*यूएपीए की विशेषताएं*
💫इस कानून के प्रावधान के अनुसार केंद्र सरकार किसी गतिविधि को यदि गैर-कानूनी मानती है तो आधिकारिक राजपत्र के माध्यम से इसकी घोषणा कर उसे अधिनियम के तहत अपराध बना सकती है। इसमें अधिकतम सज़ा के तौर पर मृत्युदंड और आजीवन कारावास का प्रावधान हैं।
💫जांच एजेंसियां गिरफ्तार व्यक्ति के विरुद्ध 180 दिनों में चार्जशीट दाखिल कर सकती हैं I यह कानून भारतीयों के साथ ही साथ विदेशी नागरिकों पर भी लागू होता है I अपराध भारत में हुआ हो या भारत के बाहर, यूएपीए की धाराओं में कार्यवाही की जा सकती हैंI
*यूएपीए से संबंधित मुद्दे*
💫यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता और असहमति के अधिकार के हनन का विषय है I क्योंकि यूएपीए के अंतर्गत कठोर सजा का प्रावधान है I सरकार अपने विरुद्ध असहमति को दबाने के लिए इस कानून का दुरूपयोग कर सकती हैI
💫यह यूएपीए के मामलों में सुनवाई में देरी होती है I लगभग 95% मामले अभी तक लम्बित हैं I अपराध को साबित कर पाने की दर काफी कम हैं I
💫संघीय प्रावधानों का उल्लंघन करता है। पुलिस राज्य का विषय है परंतु यह संशोधन NIA को संपत्ति को जब्त करने का अधिकार देता है जो कि राज्य पुलिस के अधिकार क्षेत्र में कमी करता है।
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*डेली करेंट अफेयर्स
*💁♂️👉ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP)*📚
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*चर्चा में क्यों?*
💫हाल ही में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बताया है कि ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) की "बहुत खराब" एवं "गंभीर" श्रेणी के तहत शामिल उपाय 48 घंटे के दौरान वायु की गुणवत्ता और भी दूषित व निर्धारित स्तर से अधिक होने पर लागू होंगे।
*प्रमुख बिंदु*
*ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP):*
*परिचय:*
💫राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में वायु गुणवत्ता के संबंध में एमसी मेहता बनाम भारत संघ (2016) के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, विभिन्न वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के तहत कार्यान्वयन के लिये एक ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान तैयार किया गया है।इन्हें मुख्य श्रेणियों में अर्थात् औसत से खराब, बहुत खराब और गंभीर श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है।
इसमें "गंभीर + या आपातकाल" की एक नई श्रेणी जोड़ी गई है।
इस योजना को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा वर्ष 2017 में अधिसूचित किया गया था।
इसने वायु की गुणवत्ता खराब होने पर किये जाने वाले उपायों को संस्थागत रूप दिया।
💫यह योजना प्रकृति में वृद्धिशील है, इसलिये जब वायु गुणवत्ता 'खराब' से 'बहुत खराब' की ओर बढ़ती है, तो दोनों वर्गों के तहत सूचीबद्ध उपायों का पालन किया जाना चाहिये।
यह PM10 और PM2.5 स्तरों को 'मध्यम' राष्ट्रीय AQI श्रेणी से आगे जाने से रोकता है।
*कार्यान्वयन:*
💫वर्ष 2020 तक सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण (EPCA) राज्यों को GRAP उपायों को लागू करने का आदेश देता था।
💫EPCA को भंग कर वर्ष 2020 में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा इसे प्रतिस्थापित किया गया था।
CAQM अंतर्निहित उपचारात्मक दृष्टिकोण के साथ दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में वायु गुणवत्ता में सुधार हेतु विविध प्रयासों के समन्वय और निगरानी के लिये एक वैधानिक तंत्र है।
श्रेणी
परिवेशी कण पदार्थ (PM)
मानक
औसत से खराब
💫PM2.5, 61-120 µg/घन मीटर
PM10, 101-350µg/घन मीटर
थर्मल पावर प्लांट में प्रदूषण नियंत्रण नियमों को लागू करना।
सड़कों पर मशीन द्वारा सफाई।
पटाखों पर सख्ती से प्रतिबंध लागू करना।
कचरा जलाने पर प्रतिबंध।
बहुत खराब
PM2.5 ,121-250 µg/घन मीटर
PM10, 351-430 µg/घन मीटर
डीज़ल जनरेटर सेट का उपयोग बंद करना।
💫बस और मेट्रो सेवाओं में वृद्धि एवं मेट्रो सेवाओं की आवृत्ति में वृद्धि।
होटल और खुले में स्थित भोजनालयों में कोयले/जलाऊ लकड़ी का उपयोग बंद करना।
*गंभीर*
*💫PM 2.5, 250 µg/घन मीटर से अधिक*
PM10, 430µg/घन मीटर से अधिक।
सड़क की लगातार मशीनीकृत सफाई और पानी का छिड़काव करना।
ईंट भट्टों, हॉट मिक्स प्लांट, स्टोन क्रशर को बंद करना।
💫बदरपुर पावर प्लांट बंद करना।
अलग-अलग दरों वाले सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करना।
गंभीर+ या आपातकाल
PM2.5 ,300 µg/घन मीटर से अधिक
PM10, 500µg/घन मीटर से अधिक
( 48 घंटे या उससे अधिक समय तक स्थिर स्थिति)
दिल्ली में ट्रकों का प्रवेश बंद (आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर)।
निर्माण कार्य बंद।
निजी वाहनों के लिये विषम/सम योजना का प्रारंभ।
स्कूलों को बंद करना।
*अन्य उपाय:*
💫पर्यावरण संरक्षण शुल्क (EPC): 2016 में सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली और एनसीआर में 2000cc एवं उससे अधिक के डीज़ल कारों की बिक्री पर 1% का EPC लगाया।
💫पर्यावरण मुआवज़ा शुल्क (ECC): वर्ष 2015 में सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली में प्रवेश करने वाले ट्रकों पर ईसीसी लगाया।
*🍄स्रोत: द हिंदू*🍄
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*💁♂️👉क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन*📚
❣ 🇮🇳❣
*_Best way of learning_* 😇
*चर्चा में क्यों?*
💫हाल ही में सरकार ने सी-डॉट (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स) क्वांटम कम्युनिकेशन लैब का उद्घाटन किया और स्वदेशी रूप से विकसित क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन (QKD) समाधान का अनावरण किया।
💫सरकार ने 8 वर्षों की अवधि के क्वांटम टेक्नोलॉजीज़ और अनुप्रयोगों पर राष्ट्रीय मिशन के लिये 1 बिलियन अमेरिकी डाॅलर का आवंटन भी किया है।
*प्रमुख बिंदु*
*QKD के बारे में:*
QKD जिसे क्वांटम क्रिप्टोग्राफी भी कहा जाता है, सुरक्षित संचार विकसित करने का एक तंत्र है।
💫यह गुप्त कुंजियों (Secret Keys) को वितरित और साझा करने का एक तरीका प्रदान करता है जो क्रिप्टोग्राफिक प्रोटोकॉल के लिये आवश्यक हैं।
क्रिप्टोग्राफी सुरक्षित संचार तकनीकों का अध्ययन है जो केवल प्रेषक और संदेश के इच्छित प्राप्तकर्त्ता को इसकी सामग्री देखने की अनुमति देता है।
क्रिप्टोग्राफिक एल्गोरिदम और प्रोटोकॉल सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिये आवश्यक हैं, खासकर जब इंटरनेट जैसे अविश्वसनीय नेटवर्क के माध्यम से संचार किया जाता है।
💫डेटा-एन्क्रिप्शन के लिये उपयोग किये जाने वाले पारंपरिक क्रिप्टोसिस्टम गणितीय एल्गोरिदम की जटिलता पर निर्भर करते हैं, जबकि क्वांटम संचार द्वारा दी जाने वाली सुरक्षा भौतिकी के नियमों पर आधारित होती है।
*तंत्र (Mechanism):*
💫QKD में एन्क्रिप्शन कुंजियों को ऑप्टिकल फाइबर में 'क्यूबिट्स ' या क्वांटम बिट्स के रूप में भेजा जाता है।
ऑप्टिकल फाइबर अन्य माध्यमों की तुलना में लंबी दूरी के लिये और तेज़ी से अधिक डेटा संचारित करने में सक्षम है। यह पूर्ण आंतरिक परावर्तन के सिद्धांत पर कार्य करता है।
💫QKD कार्यान्वयन के लिये वैध उपयोगकर्त्ताओं के बीच परस्पर क्रिया की आवश्यकता होती है और इन इंटरैक्शन को प्रमाणित करने की आवश्यकता होती है। इसे विभिन्न क्रिप्टोग्राफिक माध्यमों से प्राप्त किया जा सकता है।
💫QKD दो दूर के उपयोगकर्त्ताओं को, जो शुरू में गुप्त कुंजी साझा नहीं करते हैं, गुप्त बिट्स की एक सामान्य, यादृच्छिक स्ट्रिंग उत्पन्न करने की अनुमति देता है, जिसे गुप्त कुंजी कहा जाता है।
अंतिम परिणाम यह है कि QKD एक प्रमाणित संचार चैनल का उपयोग कर सकता है और इसे एक सुरक्षित संचार चैनल में बदल सकता है।
💫इसे इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यदि कोई अवैध इकाई ट्रांसमिशन को पढ़ने की कोशिश करती है, तो यह फोटॉन पर एन्कोडेड क्यूबिट्स को अस्पष्ट कर देगी।
*इससे ट्रांसमिशन त्रुटियाँ उत्पन्न होंगी, जिससे वैध अंतिम-उपयोगकर्त्ताओं को तुरंत सूचित किया जाएगा।
Secret-Key*
*क्यूबिट्स (Qubits):*
💫पारंपरिक कंप्यूटर क्लासिकल भौतिकी का अनुसरण करते हुए 'बिट्स' या 1s और 0s में जानकारी को प्रोसेस करते हैं, जिसके तहत हमारे कंप्यूटर एक बार में '1' या '0' को प्रोसेस कर सकते हैं।
क्वांटम कंप्यूटर क्यूबिट्स में गणना करते हैं। वे क्वांटम यांत्रिकी के गुणों का फायदा उठाते हैं और यह नियंत्रित करता है कि परमाणु पैमाने पर पदार्थ कैसे व्यवहार करता है।
💫इस व्यवस्था में प्रोसेसर में एक साथ 1 और 0 हो सकते हैं, इस अवस्था को क्वांटम सुपरपोज़िशन कहा जाता है।
क्वांटम सुपरपोज़िशन के कारण एक क्वांटम कंप्यूटर- अगर यह योजना के लिये काम करता है तो समानांतर में काम करने वाले कई क्लासिकल कंप्यूटरों की नकल कर सकता है।
*Qubit*
Examnow
*आवश्यकता:*
💫QKD वर्तमान संचार नेटवर्क के माध्यम से विभिन्न महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रयोग किये जा रहे, डेटा की सुरक्षा के लिये क्वांटम कंप्यूटिंग में बाह्य खतरे को दूर करने के लिये आवश्यक है।
*लाभ:*
💫यह प्रौद्योगिकी क्वांटम सूचना के क्षेत्र में विभिन्न स्टार्टअप और छोटे तथा मध्यम उद्यमों को सक्षम करने में उपयोगी होगी।
मानकों की परिभाषित करने और क्रिप्टो प्रौद्योगिकी से संबंधित नीतियों को तैयार करने में इससे सहायता मिलने की उम्मीद है।
*महत्त्व:*
*डेटा लीक का पता लगाना:*
💫यह डेटा लीक या हैकिंग का पता लगाने की अनुमति देता है क्योंकि यह ऐसे किसी भी प्रयास का पता लगा सकता है।
पूर्व निर्धारित त्रुटि स्तर:
यह इंटरसेप्ट किये गए डेटा के बीच त्रुटि स्तर सेट करने की प्रक्रिया की भी अनुमति देता है।
*अनब्रेकेबल एन्क्रिप्शन:*
💫फोटॉन के माध्यम से डेटा ले जाने का तरीका अनब्रेकेबल एन्क्रिप्शन होता है।
एक फोटॉन को पूरी तरह से कॉपी नहीं किया जा सकता है और इसे मापने का कोई भी प्रयास इसे डिस्टर्ब करेगा। इसका मतलब है कि डेटा को इंटरसेप्ट करने की कोशिश करते ही इसकी जानकारी उपभोक्ता को हो जायेगी।
*🍄स्रोत: इकॉनोमिक टाइम्स*🍄
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*💁♂️महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का ग्लोबल हंगर रिपोर्ट 2021 पर वक्तव्य🗣️🗣️*
*💖Best way of Learning*
🌈🌈14 अक्टूबर, 2021 को कंसर्न वर्ल्डवाइड और वेल्ट हंगर हिल्फ़ द्वारा प्रकाशित ग्लोबल हंगर रिपोर्ट 2021 पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की टिप्पणियां निम्नलिखित हैं:
👉👉“यह चौंकाने वाला है कि ग्लोबल हंगर रिपोर्ट 2021 ने कुपोषित आबादी के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) के अनुमानों के आधार पर भारत को डाउनग्रेड किया है, जो तथ्यात्मक आधार के बजाय एक गंभीर प्रणालीगत समस्या के रूप में पाया गया है। वर्ल्ड हंगर रिपोर्ट प्रकाशित करने से पहले पब्लिशिंग हाउस कंसर्न वर्ल्डवाइड और वेल्ट हंगर हिल्फ़ ने सही काम नहीं किया है।
👉👉एफएओ द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली विधि अवैज्ञानिक है। उन्होंने फोन पर गैलप द्वारा किए गए 'फोर क्वेश्चन' पोल के परिणामों का मूल्यांकन किया है। इस अवधि के दौरान प्रति व्यक्ति भोजन की उपलब्धता जैसे कुपोषण को मापने के लिए किसी वैज्ञानिक पद्धति का उपयोग नहीं किया गया है। जबकि कुपोषण के शास्त्रीय माप के लिए वजन और ऊंचाई माप की आवश्यकता होती है, यहां शामिल विधि पूरी तरह से जनसंख्या के एक टेलीफोन अनुमान, गैलप पोल पर आधारित है। इस रिपोर्ट में कोविड काल के दौरान पूरी आबादी की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के सरकार के प्रमुख प्रयासों के योगदान को पूरी तरह से नज़रअंदाज किया गया है, जिस पर सत्यापित आंकड़े उपलब्ध हैं। सर्वेक्षण के उत्तरदाताओं के पास ऐसा कोई प्रश्न नहीं था कि उन्हें सरकार या अन्य स्रोतों से क्या खाद्य सहायता मिली। इस पोल में प्रतिनिधित्व भारत और अन्य देशों के लिए भी संदिग्ध है।
👉👉एफएओ की रिपोर्ट 'द स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रिशन इन द वर्ल्ड 2021' से यह आश्चर्य के साथ उल्लेख किया गया है कि इस क्षेत्र के अन्य चार देश - अफगानिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका, कोविड-19 महामारी से प्रभावित नौकरी/व्यवसाय की हानि और आय के स्तर में कमी, से बिल्कुल भी प्रभावित नहीं हुए हैं, बल्कि वे 2018 की अवधि के दौरान 'अल्पपोषित आबादी के अनुपात' संकेतक पर 2017-19 की तुलना में 2018-20 में क्रमशः 4.3 प्रतिशत, 3.3 प्रतिशत, 1.3 प्रतिशत और 0.8 प्रतिशत अंकों से अपनी स्थिति में सुधार करने में सक्षम रहे हैं।
👉👉वैश्विक भुखमरी रिपोर्ट 2021 और 'द स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रिशन इन द वर्ल्ड 2021' पर एफएओ रिपोर्ट ने सार्वजनिक क्षेत्र में उपलब्ध निम्नलिखित तथ्यों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है:
👉कोविड-19 के दौरान आर्थिक मदद के हिस्से के रूप में, भारत सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) और आत्म निर्भर भारत योजना (एएनबीएस) जैसी अतिरिक्त राष्ट्रव्यापी योजनाओं को लागू किया है।
2. पीएमजीकेएवाई के तहत, भारत सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिकता वाले परिवारों) के तहत अप्रैल से नवंबर 2020 की अवधि के लिए और फिर मई से नवंबर 2021 की अवधि के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के अंतर्गत शामिल किए गए लोगों सहित 36 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 80 करोड़ (800 मिलियन) लाभार्थियों के लिए प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम प्रति माह की दर से खाद्यान्न का मुफ्त आवंटन किया है)
3. वर्ष 2O2O के दौरान, 3.22 करोड़ (32.2 मिलियन) मीट्रिक टन खाद्यान्न और वर्ष 2021 के दौरान, लगभग 3.28 करोड़ (32.8 मिलियन) मीट्रिक टन खाद्यान्न पीएमजीकेएवाई योजना के तहत लगभग 80 करोड़ (800 मिलियन) एनएफएसए लाभार्थी लोगों को मुफ्त आवंटित किया गया है)
4. खाद्यान्न के अलावा, एनएफएसए के तहत 19.4 करोड़ (194 मिलियन) परिवारों को शामिल करने वाले सभी लाभार्थियों को अप्रैल से नवंबर 2020 की अवधि के लिए प्रति माह 1 किलोग्राम प्रति परिवार दाल मुफ्त प्रदान की गई है।
5. एएनबीएस के तहत, सरकार ने लगभग 8 लाख (800 हजार) मीट्रिक टन अतिरिक्त मुफ्त खाद्यान्न का आवंटन सभी राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों को उन प्रवासियों / फंसे हुए प्रवासियों के लिए किया, जो न तो एनएफएसए और न ही राज्य योजना पीडीएस कार्ड के तहत कवर किए गए थे, ऐसे लोगों को 5 किलो प्रति व्यक्ति प्रति माह के हिसाब से दो महीने, मई और जून 2020 की अवधि के लिए मुफ्त खाद्यान्न के अलावा, इस अवधि के लिए एएनबीएस के तहत लगभग 0.27 लाख (27 हजार) मीट्रिक टन साबुत चना आवंटित किया गया था।
6. पीएमजीकेएवाई और एएनबीएस के तहत मुफ्त खाद्यान्न, दालें/साबुत चना का आवंटन एनएफएसए के तहत किए गए सामान्य आवंटन के अतिरिक्त था।
7. पीएमजीकेएवाई और एएनबीएस के अलावा, भारत सरकार ने उन सभी लाभार्थियों के लिए ओपन मार्केट सेल स्कीम (घरेलू) के तहत खाद्यान्न आवंटित किया है, जिन्हें राज्य सरकारों द्वारा अपनी योजनाओं के तहत राशन कार्ड जारी किए गए हैं, लेकिन तीन महीने के लिए एनएफएसए के तहत शामिल नहीं किया गया है। अप्रैल से जून 2020 तक के महीनों में 21 रुपए प्रति किलोग्राम गेहूं और 22 रुपए प्रति किलोग्राम चावल उपलब्ध कराया गया है। खाद्यान्न के आवंटन की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। इस योजना को मई 2021 से आगे बढ़ा दिया गया है।
8. 100 से कम श्रमिकों वाले संगठित क्षेत्र के व्यवसायों में प्रति माह 15,000/- रुपये से कम वेतन पाने वालों के रोजगार में व्यवधान के दौरान हए नुकसान की भरपाई के लिए, सरकार ने उनके मासिक वेतन का 24 प्रतिशत तीन महीने, अप्रैल से जून 2020 के लिए उनके पीएफ खातों में भुगतान किया।
9. लगभग 13.62 करोड़ (136.2 मिलियन) परिवारों को लाभान्वित करने के लिए एक श्रमिक को सालाना अतिरिक्त 2,000 रुपए का लाभ प्रदान करने के लिए 1 अप्रैल 2020 से मनरेगा मजदूरी में 20 रुपये की वृद्धि की गई।
10. 2020-21 में देय 2,000 रुपये की पहली किस्त का अग्रिम भुगतान किया गया था और अप्रैल 2020 में ही पीएम किसान योजना के अंतर्गत भुगतान किया गया था। इससे 8.7 करोड़ (87 मिलियन) किसानों को लाभ हुआ।
11. कुल 20.4 करोड़ (204 मिलियन) प्रधानमंत्री जन धन योजना महिला खाताधारकों को 500 रुपये प्रति माह तीन महीने के लिए, अप्रैल से जून 2020 तक अनुग्रह राशि दी गई।
12. 6.85 करोड़ (68.5 मिलियन) परिवारों का समर्थन करने वाले 63 लाख (6.3 मिलियन) स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के माध्यम से आयोजित महिलाओं के लिए अतिरिक्त मुक्त ऋण देने की सीमा 10 से बढ़ाकर 20 लाख रुपये (1 मिलियन से 2 मिलियन रुपये) कर दी गई। Examnow
13. सरकार ने अप्रैल से जून 2020 तक 3 करोड़ (30 मिलियन) वृद्ध विधवाओं और दिव्यांग श्रेणी के लोगों को प्रति माह 1,000 रुपये दिए, जिन्हें कोविड-19 के कारण हुए आर्थिक व्यवधान की कठिनाइयों से निपटने के लिए नाज़ुक स्थिति का सामना कर रहे हैं।
🪴🪴इस रिपोर्ट के अनुसार, पहले सूचकांक, बाल मृत्यु दर पर भारत की स्थिति में 2020 की तुलना में 2021 में सुधार हुआ है। दो सूचकांकों, यानी चाइल्ड वेस्टिंग और चाइल्ड स्टंटिंग, पर 2020 की तुलना में 2021 में स्थिति अपरिवर्तित रही है।
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