24/10/2022
चलो आज फिर एक दीप जलाया जाये,
रूठे हुए को फिर मनाया जाए,
पोंछ कर आंखों में छिपी उदासी को,
जख्मों पर मलहम लगाया जाए,
पकड़ लो हाथ खेलें फिर से,
मोहल्ले का चक्कर एक लगाया जाए,
भूल जाएं गिले-शिकवे सब पुराने,
आओ मिलकर ये त्योहार मनाया जाए,
चलो आज फिर एक दीप जलाया जाए.
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं!
विमल सिंह 🙏