22/05/2026
जब Naksh पहली बार हमारे पास आया था, तब वह मेहनती जरूर था, लेकिन उसके अंदर एक डर, एक झिझक थीं जो उसे उसकी असली क्षमता तक पहुँचने से रोक रही थीं। शायद उस समय किसी ने भी नहीं सोचा होगा कि यही बच्चा आगे चलकर अपनी मेहनत और बदलाव से सबको प्रभावित करेगा।
Naksh का हमारे संस्थान से जुड़ाव नया नहीं था। उससे पहले उसके बड़े भाई Yuvraj भी हमारे यहाँ से पढ़कर आगे बढ़ चुके हैं। इसलिए परिवार का विश्वास और अपनापन शुरू से ही हमारे साथ जुड़ा रहा। यही भरोसा आगे चलकर Naksh की journey की सबसे बड़ी ताकत बना।
शुरुआत में Naksh पढ़ाई को समझने से ज्यादा याद करने पर भरोसा करता था, खासकर Science में। हर chapter को रटकर सीखने की कोशिश करता था। लेकिन धीरे-धीरे हमने उसकी सोच को बदलने की शुरुआत की। Concepts को समझना, “क्यों” और “कैसे” पर सवाल करना, और हर topic को practically connect करना — यही उसकी नई journey की शुरुआत बनी।
यह बदलाव आसान नहीं था। कई बार Naksh खुद परेशान हो जाता था, लेकिन उसने हार नहीं मानी। लगातार practice, discussions और मेहनत के बाद वही बच्चा जो पहले सिर्फ याद करता था, अब concepts पर confidently बात करने लगा।
SST में भी शुरुआत में answers बहुत सामान्य होते थे। फिर शुरू हुआ tests का दौर। बार-बार test, mistakes की बारिकी से discussion, answer presentation पर काम — और धीरे-धीरे Naksh ने सीख लिया कि सिर्फ answer लिखना काफी नहीं होता, बल्कि marks के हिसाब से answer को explain करना भी जरूरी होता है। आज वह अपने answers को अच्छे structure और description के साथ लिखता है।
Science के प्रति उसका interest इतना बढ़ा कि पिछले वर्ष Olympiad में भी उसने शानदार score किया। यह सिर्फ marks नहीं थे, बल्कि उसकी मेहनत और बदली हुई सोच का परिणाम था।
लेकिन कहानी का सबसे interesting हिस्सा अभी बाकी था — Maths.
Maths का नाम सुनते ही Naksh थोड़ा डर जाता था। Questions देखकर confidence कम हो जाता था। उसे लगता था कि शायद Maths उसके लिए नहीं है। लेकिन धीरे-धीरे practice, patience और सही guidance के साथ उसने अपने उसी डर को challenge करना शुरू किया।
और फिर एक दिन वही Naksh, जो Maths से घबराता था, interest लेकर questions solve करने लगा। अब वह मुश्किल सवालों से भागता नहीं, बल्कि उन्हें solve करने की कोशिश करता है। यही उसकी सबसे बड़ी जीत है — अपने डर पर जीत।
इस पूरी journey में Naksh के parents का सहयोग बहुत महत्वपूर्ण रहा। उनकी mother हमेशा उसे motivate करती रहीं, हर situation में उसका confidence बढ़ाती रहीं। वहीं उनके father एक बेहद नेक और मेहनती इंसान हैं। Naksh के अंदर जो energy, sincerity और active nature दिखाई देता है, उसमें उनके father की छवि साफ नजर आती है।
आज Naksh सिर्फ एक student नहीं, बल्कि इस बात का उदाहरण है कि सही मेहनत, guidance और family support के साथ कोई भी बच्चा खुद को बदल सकता है। उसकी journey अभी जारी है, और यकीन है कि आने वाले समय में वह और भी बड़ी सफलताएँ हासिल करेगा।