15/03/2026
विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं में ऐसी मान्यताएँ पाई जाती हैं कि कोई दिव्य आत्मा या महापुरुष किसी स्त्री के गर्भ में विशेष रूप से प्रवेश कर सकता है। हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के अवतारों की कथाओं में ऐसे उल्लेख मिलते हैं, जैसे श्रीकृष्ण के जन्म की कथा में वसुदेव और देवकी के कारागार में उनका दिव्य रूप में प्रकट होना।
स्वप्न में आने के संबंध में भी कई धार्मिक ग्रंथों और लोककथाओं में वर्णन मिलता है कि दिव्य आत्माएँ अपनी माता को स्वप्न में दर्शन दे सकती हैं, उन्हें मार्गदर्शन दे सकती हैं या अपने आगमन की सूचना दे सकती हैं। यह एक आध्यात्मिक अवधारणा है जो व्यक्ति की आस्था और विश्वास पर निर्भर करती है।
क्या गर्भ में आने वाली आत्मा माँ के स्वप्न में आ सकती है ?
विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं में ऐसी मान्यताएँ पाई जाती हैं कि कोई दिव्य आत्मा या महापुरुष किसी स्त्री...
12/02/2026
" संभोग से गर्भ पर प्रभाव "
जब पति–पत्नी गर्भाधान के बाद केवल शारीरिक संतुष्टि के लिए संभोग में उतरते हैं तो क्या होता है ?
गर्भ केवल शरीर नहीं, चेतना का निर्माण है,गर्भ वह पवित्र स्थल है जहाँ जीवात्मा माता–पिता के भावों, विचारों और कर्मों से अपना व्यक्तित्व बनाना शुरू करती है,इस समय माता–पिता के प्रत्येक विचार, शब्द और व्यवहार गर्भ में पल रहे बच्चे के अवचेतन मन में संस्कारों के रूप में अंकित होते हैं,
इसलिए कहा गया है —“माँ के मन में जो भाव हैं, वही बच्चे का भविष्य है”
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गर्भाधान के बाद संभोग से गर्भ पर प्रभाव
गर्भ केवल शरीर नहीं, चेतना का निर्माण है,गर्भ वह पवित्र स्थल है जहाँ जीवात्मा माता–पिता के भावों, विचारों और कर्मो.....
12/02/2026
प्रिय भाईयों और बहनों,
मानव जीवन केवल शरीर और मन का मेल नहीं है, यह आत्मा की यात्रा है, जो बार-बार जन्म और मृत्यु के चक्र से गुजरती है, जन्म और मृत्यु – ये दो द्वार हैं जिनसे होकर आत्मा संसार में आती और जाती है,ताकि संक्रमण की पीड़ा सहन हो सके,जब आत्मा मृत्यु के द्वार से गुजरती है, तब उसे नया शरीर मिलने की प्रक्रिया प्रारंभ होती है,मृत्यु और जन्म — दोनों ही क्षण आत्मा के लिए संक्रमण के दौर (transition) हैं, इस संक्रमण की तीव्रता को सहनीय बनाने के लिए प्रकृति आत्मा को अर्ध-बेहोशी में ले जाती है,इसीलिए शिशु को जन्म के तुरंत बाद कुछ याद नहीं रहता,
परंतु प्रश्न उठता है —
👉 “यदि आत्मा जन्म और मृत्यु के समय बेहोश हो जाती है, तो गर्भ में दिए गए संस्कार, ज्ञान और शिक्षा उसे कैसे याद रहते हैं?”
यही आज का हमारा विषय है-
https://youtu.be/HnY-HCawTYc?si=hfWaprBA-UPd_ruk
10/01/2026
आपका मन एक शक्तिशाली ऊर्जा है
आपका मन एक शक्तिशाली ऊर्जा है
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10/01/2026
विचार बदलने से जीवन कैसे बदलता है
विचार बदलने से जीवन कैसे बदलता है
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02/12/2025
“यदि आत्मा जन्म और मृत्यु के समय बेहोश हो जाती है, तो गर्भ में दिए गए संस्कार, ज्ञान और शिक्षा उसे कैसे याद रहते हैं?”
https://mindpowergarbha.blogspot.com/?m=1
(5) गर्भ संस्कार : आत्मा की अमिट स्मृति
“ जीवन की यात्रा जन्म के बाद नहीं, गर्भ के क्षण से शुरू होती है ” आपके विचार, भावनाएँ और कर्म ही कल की दिशा तय करते हैं,...