16/09/2022
लोग मल्टीबैगर ढूँढते हैं पर अपने पास रखकर मल्टीबैगर होने नहीं देते हैं।
यदि आप ट्रेडर बनना चाहते हैं मतलब कि आज ख़रीदा और कुछ दिन, हफ़्ते या महीने के लिए कोई शेयर ख़रीदकर रखना है और मुनाफ़ा लेकर निकलना है तो आपको ट्रेनिंग लेनी चाहिए, और याद रखिए ट्रेडिंग फुलटाइम काम है
यदि आप निवेश करना चाहते हैं तो बस आपको शेयर बाज़ार के कुछ मूलभूत तथ्य समझने हैं जो किसी यूट्यूब चैनल से या जिरोधा वारिसिटी (Zerodha varisity) एप से सीख सकते हैं।
इसके बाद आपको अपने आसपास देखना है किस कम्पनी के उत्पाद सबसे ज़्यादा बिक रहे हैं
इनमें जो कम्पनियाँ लिस्टेड हैं उनमें से वो कम्पनियाँ निकालिए जिनकी मार्केट कैप १०००० करोड़ से अधिक है, और वो कम से कम २० साल से लिस्टेड हैं, उनके शेयर ख़रीदना शुरु कर दीजिए धीरे धीरे करके।
२० साल की कट-ऑफ इसलिए रखी है क्योंकि आमतौर पर २० सालों में कोई ना कोई बड़ा वित्तीय झंझावात कोई बहुत बड़ा घोटाला सामने आ जाता है जो पूरे बाज़ार को हिला कर रख देता है, जो कम्पनी इसको झेल गई वो आगे भी कहीं नहीं जाएगी।
जैसे २००१ से २०२१ के बीच २००८ की मंदी आई, फिर २०२० में कोविड का लॉक डाउन आ गया। जो अच्छी कम्पनियाँ थीं वो अभी भी खड़ी हैं और यस बैंक जैसी कम्पनियाँ २००१ के बाद आईं बाज़ार में और २०२० तक विदा हो गईं या फिर शेयर इतना गिर गया कि कोई पूछता नहीं है।
कुछ उदाहरण देता हूँः
पेंट ज़्यादातर लोग एशियन पेंट इस्तेमाल करते हैं
रोजमर्रा के सामान हिंदुस्तान यूनिलीवर के इस्तेमाल होते हैं
क्रेडिट कार्ड ज़्यादातर लोग HDFC या SBI का इस्तेमाल करते हैं
लोन ज़्यादातर लोग HDFC, SBI से लेते हैं
कार ज़्यादातर लोगों के पास टाटा या मारुति की होती है
जूता ज़्यादातर बाटा या रिलेक्सो के पहनते हैं
इस तरह की कम्पनियों को थोड़ा थोड़ा करके लेते रहिए और पकड़ कर बैठ जाइए, शेयर जब नीचे गिरे तो घबराकर बेचकर ना भागें कोशिश करें और ख़रीदने की ( यदि नया ख़रीदने की हिम्मत नहीं भी हो रही तो पुराना ना बेचें)
वारेन बफ़ेट का नाम सब जानते हैं उनके पास कोका कोला और मैक्डोनाल्ड्स के शेयर क़रीब ४०-५० साल से हैं, इन कम्पनियों ने उनकी सम्पत्ति का आधे से ज़्यादा बनाकर दिया है।