16/08/2026
“ स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 15 अगस्त 1947 का वह दिन जो भारत की तस्वीर को बयां करती है!
✍️✍️स्वतंत्रता केवल एक पर्व नहीं, बल्कि उन अनगिनत वीरों के त्याग, साहस और बलिदान की अमर गाथा है, जिन्होंने राष्ट्र की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
15 अगस्त हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने का अवसर देता है, जिन्होंने अपने अदम्य साहस से देश को पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त कराया। महात्मा गांधी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल जैसे महान राष्ट्रनायकों के संघर्ष ने भारत की स्वतंत्रता की नींव मजबूत की। स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस सरकार ने देश की नीव मजबूत करने के लिए आई आई टी एम्स इसरो भाखड़ा नांगल जैसे बड़े बांध आईआईएम जैसी संस्थाएं और कई बड़े उद्योग रेलवे कारखाने रेलवे लाइन का विस्तार कर नए प्रतिमान स्थापित किए हरित क्रांति नहरों का जाल और बैंकों का राष्ट्रीयकरण और 1991 के आर्थिक सुधार भी इसी दौर में हुए
आज हमारे वीर जवान देश की सीमाओं पर दिन-रात डटे रहकर हमारी स्वतंत्रता, सुरक्षा और सम्मान की रक्षा कर रहे हैं। उनका त्याग हमें यह सिखाता है कि राष्ट्रसेवा केवल सीमा पर लड़ना नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाना भी है।
आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम अपने वीर शहीदों, सैनिकों और राष्ट्रनिर्माताओं को हृदय से नमन करें तथा संकल्प लें कि अपने कर्म, ईमानदारी और एकता से भारत को और अधिक मजबूत, समृद्ध एवं गौरवशाली बनाएँगे।
देश के वीरों को शत-शत नमन।
जय हिंद! 🇮🇳
वंदे मातरम्!