G.S. Classes With Gaurav Yadav Sir

G.S. Classes With Gaurav Yadav Sir जीवन के खट्टे मीठे अनुभव, नए पुराने विचार , देश दुनिया की , अपने और आपके मन की बातें ।

17/07/2026

बिना हेलमेट... जुर्माना 1000/-
नो पार्किंग में पार्किंग करना... जुर्माना 3000/-
मोटरसाइकिल का बीमा नही ... जुर्माना 1000/-
शराब पी कर वाहन चलाना... जुर्माना 10000/-
नो एंट्री में वाहन चलाना... जुर्माना 5000/-
मोबाईल फोन पे बात करना... जुर्माना 2000/-
प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं... जुर्माना 1100/-
ट्रिपल सीट ड्राइविंग... जुर्माना 2000/-

1-खराब सिग्नल... कोई जिम्मेदार नहीं है!
2-सड़क पर गड्ढ़े... कोई जिम्मेदार नहीं है!
3-अतिक्रमित फुटपाथ... कोई जिम्मेदार नहीं है!
4-सड़क पर रोशनी नहीं... कोई जिम्मेदार नहीं है!
5-सड़क पर कचरा बह रहा है...कोई जिम्मेदार नहीं है!
6-सड़कों पर लाइट के खंभे नहीं... कोई जिम्मेदार नहीं है!
7-सड़क के मेनहोल में गिर के मर जाये...कोई ज़िम्मेदार नहीं!
8-महीनों से खुदी सड़क ... कोई जिम्मेदार नहीं है!
9-गड्ढों में गिर कर आप गिरो चोटिल हो जाएँ... कोई जिम्मेदार नही है!
10-आवारा गायें जानवर टकरा जाए कुत्ता काट ले... कोई जिम्मेदार नहीं!
11-सड़कों में उफनाते नाले... कोई जिम्मेदार नहीं!
ऐसा लगता है कि जनता ही एकमात्र अपराधी है और जुर्माना देने के लिए उत्तरदायी है। प्रशासन, निगम और सरकार कोई जिम्मेदार नहीं है। उनके लिए कोई नियम लागू नहीं होते हैं। वे किसी भी चूक के लिए कभी ज़िम्मेदार नहीं हैं।

नागरिक केवल काम करेंगे... दर्द का सामना करेंगे... टैक्स चुकाना होगा... जुर्माने का भुगतान करेगा... सरकार की जेब भरें... और उन्हें फिर से सत्ता में आने के लिए वोट दें !

30/03/2026

मैं गारंटी से कह सकता हूँ कि देश के सभी टीचर से बच्चे पूछें कि हमारे शरीर को सरंचना इतनी व्यवस्थित कैसे है शरीर के अंदर इतनी छोटी और जरूरी चीज़ें किसने बनाई हैं तो 99 फ़ीसदी टीचर आसमान की तरफ़ देखेंगे और ईश्वर का नाम लेंगे…
जबकि सच ये है जो Krishna Chaudhary समझा रहे हैं…👇
——————-
हमें लगता है कि अगर हमारी आँखों की पुतली इतनी बारीक है या पहाड़ों का ढलान इतना व्यवस्थित है, तो पक्का कोई महान वास्तुकार ऊपर बैठकर नक्शे बना रहा है। पर सच तो यह है कि यह व्यवस्था कोई ईश्वरीय नहीं, बल्कि पदार्थ की अपनी मजबूरी है।

जब ऊर्जा और पदार्थ एक साथ टकराते हैं, तो उनके पास सुव्यवस्थित होने के अलावा कोई चारा नहीं बचता। इसे सेल्फ-ऑर्गनाइजेशन कहना भी इसे छोटा करना है, असल में यह कॉस्मिक इनविटेबिलिटी है। जैसे पानी को अगर आप ढलान पर छोड़ें, तो वह अपना रास्ता खुद बना लेगा, वैसे ही परमाणु जब आपस में मिलते हैं, तो वे जटिल संरचनाएं बनाएंगे ही। इसके लिए किसी डिज़ाइनर के हाथ की ज़रूरत नहीं है, यह तो बस पदार्थ का अपना स्वभाव है जो उसे 'होने' के लिए मजबूर करता है।

क्योंकि इंसानों का मस्तिष्क एक पैटर्न सीकिंग मशीन है। आदिमानव के ज़माने से ही हमारे बचने की शर्त यह थी कि हम घास की सरसराहट में भी शेर का पैटर्न ढूँढ लें, चाहे वहां सिर्फ हवा ही क्यों न हो। जो घास की आवाज़ को महज़ हवा समझकर बैठ गया, उसे शेर खा गया, लेकिन जिसने वहां कोई है का पैटर्न मान लिया, वह भागकर बच गया।

लाखों सालों के इसी डर और सर्वाइवल ने हमारे दिमाग को ऐसा बना दिया है कि हम बिना किसी वजह के भी पैटर्न और मकसद ढूँढने लगते हैं। इसीलिए जब हम जटिल ब्रह्मांड को देखते हैं, तो हमारा दिमाग कहता है कि पक्का इसके पीछे कोई है! जबकि हकीकत में वहां सिर्फ बेपरवाह भौतिक विज्ञान के नियम काम कर रहे होते हैं।

हम बादलों में चेहरे देखते हैं, तारों में किसी ना किसी की आकृतियाँ बना लेते हैं, और इसी तरह इस बेमकसद ब्रह्मांड में एक डिज़ाइनर का चेहरा फिट कर देते हैं। यह डिज़ाइनर बाहर नहीं, सिर्फ हमारी खोपड़ी के अंदर का एक भ्रम है।

लोग इस बात पर हैरान होते हैं कि पृथ्वी पर जीवन के लिए सब कुछ इतना 'सटीक' कैसे है? वे इसे 'फाइन ट्यूनिंग' कहते हैं, पर असल में यह एक ज़बरदस्त 'सर्वाइवर बायस' है।

18/02/2026
24/06/2025

जान पहचान और रिश्तेदारी में लोग किसी के दुख और परेशानी से दुखी नहीं होते बल्कि सन्तुष्ट होते हैं खुद के लिए !
और किसी के सुख और सन्तुष्टि से खुशी महसूस नहीं करते बल्कि चिढ़ते हैं खुद के लिए !

तटस्थ होकर एक बार सोचिए जरूर, ये न कहना कि हम तो ऐसे नहीं हैं

10/05/2025

आज Iron lady इन्दिरा गांधी की कमी खल रही है।
कोई नहीं हुआ ऐसा PM और न ही कभी होगा शायद

Address

Budaun

Telephone

+19058720134

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when G.S. Classes With Gaurav Yadav Sir posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The School

Send a message to G.S. Classes With Gaurav Yadav Sir:

Shortcuts

Share