The Don of Asia

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16/03/2026

Aap ko dabai

15/03/2026

13/03/2026

“🇮🇳💥 जय हो! जयशंकर सर की कूटनीति ने फिर कमाल कर दिया!
जब पूरी दुनिया हॉर्मुज में फंसी है, जहाज डूब रहे हैं, तेल 200$ पर जाने वाला है… तब भारत का तेल टैंकर सुरक्षित स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पार करके मुंबई पहुंच गया! 🚢🛢️
ईरान के FM अब्बास अराघची से बातचीत के बाद भारतीय झंडे वाले टैंकर (पुष्पक, परिमल) को ग्रीन सिग्नल! अमेरिका, इजराइल, यूरोप के जहाज रुक गए, लेकिन भारत? हमारा रास्ता साफ!
ये है असली मोदी-जयशंकर डिप्लोमेसी – बैलेंस्ड, स्मार्ट और भारत फर्स्ट! 👊
जयशंकर सर को सलाम! भारत माता की जय! 🇮🇳🔥
” om shanti ,

12/03/2026

Hernuhos ta yo video ma Vinay Kumar Volt

09/03/2026

Hernuhos ta biya ma dammi Dance dinu vako xa Suk Bahadur Bache

09/03/2026

india won the t20 worldcup final 2026. india becomes the Champion of t20 worldcup 2026.

09/03/2026

Happy winding

07/03/2026

ओडिशा के पुरी स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्नजड़ित नीलचक्र पर लहरा रहे 'पतितपावन बाना' (पवित्र ध्वज) पर गुरुवार को एक बाज(गरुड़) के बैठने की घटना ने करोड़ों श्रद्धालुओं को स्तब्ध कर दिया है।

सदियों से चली आ रही इस अटल मान्यता के बीच कि "श्रीमदिर के शिखर के ऊपर से कोई पक्षी नहीं उड़ता", इस दृश्य ने आस्था और आशंकाओं के बीच एक भीषण बहस छेड़ दी है। इसे कोई 'युग परिवर्तन' का संकेत मान रहा है, तो कोई इसे 'महाविनाश' की पूर्व सूचना।

भक्तों का एक बड़ा वर्ग इस घटना को सकारात्मक दृष्टि से देख रहा है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, बाज को भगवान विष्णु का वाहन 'गरुड़' माना जाता है। श्रद्धालुओं का कहना है कि कलियुग के बढ़ते प्रभाव के बीच स्वयं गरुड़ देव भगवान जगन्नाथ की रक्षा के लिए नीलचक्र पर विराजमान हुए हैं। पुरी के कई मठों में इसे 'दिव्य सुरक्षा चक्र' के रूप में देखा जा रहा है।

वहीं, भविष्यवाणियों पर शोध करने वालों के बीच आज की यह घटना चिंता का विषय बन गई है। ओडिशा की प्रसिद्ध 'भविष्य मालिका' (संत अच्युतानंद द्वारा रचित) के अनुसार:-

अशुभ संकेत: मंदिर के ध्वज पर हिंसक पक्षी का बैठना या ध्वज का गिरना किसी बड़े विश्व युद्ध, प्राकृतिक आपदा या सत्ता परिवर्तन का सूचक माना जाता है।

अतीत का साया: भक्त 2020 की उस घटना को याद कर सहमे हुए हैं, जब मंदिर के ध्वज में आग लग गई थी और उसके तुरंत बाद कोरोना जैसी महामारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया था।

श्रीजगन्नाथ मंदिर को रहस्यों की भूमि माना जाता है। यहाँ का विज्ञान भी उस मान्यता के सामने नतमस्तक है कि मंदिर के गुंबद के ऊपर से पक्षी या विमान नहीं गुजरते। ऐसे में बाज का ध्वज पर आकर बैठना और काफी देर तक टिके रहना, मंदिर की पारंपरिक सुरक्षा और आध्यात्मिक ऊर्जा के नियमों के विरुद्ध माना जा रहा है।

03/03/2026

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