Astroadvise - Horoscope, Astrology,Financial Astrology and Predictions

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Astroadvise - on Market Timing , Horoscope Reading,Gem Stone Recommendations,Match Making,Financial Astrology,Predictions...

Operating as usual

[08/29/20]   Ipl 2020
September 2020
Who will win the cup ?

[03/25/20]   As per my astro prediction markets will be good till 31st march and down from 31st march mid day ...
I give my view pls do all your trade at your own risk i am not responsible for your losses

[03/20/20]   Moon in Capricorn with Saturn and Mercury in Aquarius .... Market will be in upward mode today ...

Astro prediction is based on current planets in sky traders in markets are advised to do follow these predictions at their own risk. I take no responsibility if losses are incured.

[03/14/20]   Free Horoscope Reading

.....
*Condition Apply*

Happy Diwali !!!
Wish You all a very Happy and prosperous Diwali!

[07/07/19]   Jai shree krishna !!!💐💐💐

[06/09/19]   Aus will bat first india will win ... #sportsprediction #sportsastrology

[06/09/19]   Sports match prediction icc world cup available now full series

[05/07/19]   अक्षय तृतीया जो इस वर्ष 7 May को है उसका महत्व क्यों है जानिए कुछ महत्वपुर्ण जानकारी
-🙏 आज ही के दिन माँ गंगा का अवतरण धरती पर हुआ था ।
🙏-महर्षी परशुराम का जन्म आज ही के दिन हुआ था ।

🙏-माँ अन्नपूर्णा का जन्म भी आज ही के दिन हुआ था

🙏-द्रोपदी को चीरहरण से कृष्ण ने आज ही के दिन बचाया था ।

🙏- कृष्ण और सुदामा का मिलन आज ही के दिन हुआ था ।
🙏- कुबेर को आज ही के दिन खजाना मिला था ।

🙏-सतयुग और त्रेता युग का प्रारम्भ आज ही के दिन हुआ था ।

🙏-ब्रह्मा जी के पुत्र अक्षय कुमार का अवतरण भी आज ही के दिन हुआ था ।

🙏- प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री बद्री नारायण जी का कपाट आज ही के दिन खोला जाता है ।
🙏- बृंदावन के बाँके बिहारी मंदिर में साल में केवल आज ही के दिन श्री विग्रह चरण के दर्शन होते है अन्यथा साल भर वो बस्त्र से ढके रहते है ।

🙏- इसी दिन महाभारत का युद्ध समाप्त हुआ था ।

🙏- अक्षय तृतीया अपने आप में स्वयं सिद्ध मुहूर्त है कोई भी शुभ कार्य का प्रारम्भ किया जा सकता है

[04/03/19]   इस बार के नवसंवत्सर में ग्रहों का मंत्रिमंडल कैसा है? इसका फल क्या है?

- यह विक्रमी संवत 2076 है. इसका नाम है- "परिधारी"

- इस संवत का राजा शनि और मंत्री सूर्य होगा.

- राजा शनि होने से कम वर्षा, विवाद, असंतोष, अपराध और अनाचार से समस्या जैसी स्थिति बार-बार बनेगी.

- मंत्री सूर्य के होने से राजकीय कार्यों से लोगों को समस्या होगी, देश का माहौल तनावपूर्ण होगा, न्यायपालिका की ताक़त बढ़ेगी.

- धान्य मंत्री मंगल और चंद्र होंगे, अतः अनाज और पैदावार की स्थिति मिली जुली रहेगी, कृषक वर्ग को समस्या होगी.

- वित्त मंत्री मंगल हैं, अतः देश की आर्थिक स्थितियां विषम होंगी, व्यापारिक जगत में असंतोष रहेगा.

[03/23/19]   Matches
And
Catches

Sports prediction now available
For all ..

May you celebrate a wonderful Holi with your friends and family. I not only wish to paint your face but also your life with the vibrant colors of love, happiness and joy Holi! ...

Happy Holi 2019: Spread the day with your friends and family

दशरथ कृत शनि स्तोत्र

नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठनिभाय च।
नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम: ।।१।।
नमो निर्मांस देहाय दीर्घश्मश्रुजटाय च ।
नमो विशालनेत्राय शुष्कोदर भयाकृते।।२।।
नम: पुष्कलगात्राय स्थूलरोम्णेऽथ वै नम:।
नमो दीर्घायशुष्काय कालदष्ट्र नमोऽस्तुते।।३।।
नमस्ते कोटराक्षाय दुर्निरीक्ष्याय वै नम: ।
नमो घोराय रौद्राय भीषणाय कपालिने।।४।।
नमस्ते सर्वभक्षाय वलीमुखायनमोऽस्तुते।
सूर्यपुत्र नमस्तेऽस्तु भास्करे भयदाय च ।।५।।
अधोदृष्टे: नमस्तेऽस्तु संवर्तक नमोऽस्तुते ।
नमो मन्दगते तुभ्यं निरि�ाणाय नमोऽस्तुते ।।६।।
तपसा दग्धदेहाय नित्यं योगरताय च ।
नमो नित्यं क्षुधार्ताय अतृप्ताय च वै नम: ।।७।।
ज्ञानचक्षुर्नमस्तेऽस्तु कश्यपात्मज सूनवे ।
तुष्टो ददासि वै राज्यं रुष्टो हरसि तत्क्षणात् ।।८।।
देवासुरमनुष्याश्च सिद्घविद्याधरोरगा: ।
त्वया विलोकिता: सर्वे नाशंयान्ति समूलत:।।९।।
प्रसाद कुरु मे देव वाराहोऽहमुपागत ।
एवं स्तुतस्तद सौरिग्र्रहराजो महाबल: ।।१०।।

Goddess Saraswati is worshipped to invoke the blessings of the deity, who is the Goddess of culture, music art and education. The significance of Saraswati Puja is that it is a spring festival and it marks the beginning of spring. The yellow colour forms an integral part of the festival. Yellow coloured flowers are offered to the deity, such as Marigold. The food prepared are also yellow in colour, such as kesariya bhaat or sweet saffron rice, kesariya ladoo or halwa or saffron pudding, khichdi or a mixture of yellow pulses with rice and so on. Young girls drape themselves in yellow coloured sarees or basanti coloured saree. Even the cloth which covers the stool on which the deity is placed is yellow in colour. Yellow forms the theme colour of this festival because mustard flowers during this season, spring are in full bloom everywhere and this festival represents the Spring season.

Not only is this festival celebrated with a lot of zeal and fervour in the states of Orissa, Bihar and West Bengal, but in Punjab the Sikh community celebrates this festival with a lot of pomp in Gurdwara and the musicians perform basant raga. In many parts of Punjab, fairs are held on this day.Guru Gobind Singh was married on this day and hence it is celebrated by the Sikh community. This day is celebrated by flying kite in Firozpur.

The significance of Saraswati Puja is that, Saraswati, being the Goddess of learning, on the day of Saraswati Puja young children are made to write alphabets. This is a common practice in West Bengal and it is known as “Hathe khori”.It is a popular belief that if a young child writes in front of the Goddess, he would be blessed by the deity and will do very well in his education in future.

[02/06/19]   Lets replace "Hurry" with "हरि"।
जिस देश में
जिस वेष में
कहीं भी रहो
हरि ॐ हरि ॐ हरि ॐ कहो।
जै श्री कृष्णा !!!

[01/14/19]   Happy Makar Sankranti !!💐💐

[01/08/19]   Match Prodiction

12TH JAN 2019
@SYDENY
INDIA WILL BAT FIRST
INDIA WILL WIN

[12/27/18]   Jai shree krishna !!!💐💐💐
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Nominal fee charged just message inbox .

Sadhguru

Sadhguru speaks about how water has an intrinsic memory, which can be influenced by something as subtle as our thoughts and emotions. He narrates an incident from his life which demonstrated how sensitive water is to life around it.

[12/04/18]   Sports Predictions :Match Win Predictions for Cricket T20 and ODI are available on request.
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Thanks
Jai Shree Krishna .

[11/15/18]   It is horary astrology ... So pls ask question where it can be answered in yes or no . Your current location city or town with time is required while asking question ..

[11/14/18]   Ask one question and let me answer by prasna or horary chart...

Pls inbox me for details
All free advise .
It is horary astrology ... So pls ask question where it can be answered in yes or no . Your current location city or town with time is required while asking question ..

Happy Diwali to all !
May this festival enlighten your inner light.

धनतेरस का पर्व 5 नवंबर को है. हर साल यह कार्त‍िक मास के कृष्‍णपक्ष की तेरस को मनाया जाता है. धनतेरस के द‍िन खरीदारी करना शुभ माना जाता है. खासतौर से इस द‍िन तांबे के बर्तन और सोने के गहनों या स‍िक्‍कों की खरीदारी शुभ मानी जाती है. ह‍िन्‍दू धर्म में इस पर्व का महत्‍व बहुत ज्‍यादा है. इस द‍िन मां लक्ष्‍मी की खास पूजा की जाती है. ऐसी मान्‍यता है क‍ि इस द‍िन मां लक्ष्‍मी अगर जातक के पूजन से प्रसन्‍न हो गईं तो एक वर्ष के ल‍िए उसके घर में न‍िवास करती हैं.

इसल‍िए मां लक्ष्‍मी को प्रसन्‍न करने के ल‍िए हर साल तेरस के द‍िन पूजा की जाती है और मां लक्ष्‍मी को अपने घर में रुकने की प्रार्थना की जाती है. कोई भी खास मौका दोस्‍तों के ब‍िना अधूरा है. ऐसे में आप इस द‍िन अपने दोस्‍तों और र‍िश्‍तेदारों को शुभकामनाएं भेजें और उनके घर भी मां लक्ष्‍मी का आगमन हो, ऐसी मंगलकामना करें.

[10/11/18]   शुभ नवरात्रि !

[09/26/18]   Horary astrology is an ancient branch of horoscopic astrology in which an astrologer attempts to answer a question by constructing a horoscope for the exact time at which the question was received and understood by the astrologer.

प्रश्न कुण्डली तात्कालिक समय के गोचर का नक्शा मात्र है। अचानक से बैठे बैठे मन में किसी इच्छा का जन्म हुआ, इस इच्छा की इच्छा का भविष्य क्या होगा. यह पूरी होगी या नहीं? इस प्रकार की किसी भी समस्या का समाधान करने के लिये विशेष रूप से प्रश्न कुण्डली का प्रयोग किया जाता है।
For details just inbox .

[09/17/18]   विश्वकर्मा पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं!!!

गणपति की स्‍थापना और पूजा का समय: 13 सितंबर की सुबह 11 बजकर 09 मिनट से 01 बजकर 35 मिनट तक.
अवधि: 2 घंटे 26 मिनट

वक्र तुंड महाकाय, सूर्य कोटि समप्रभ:। निर्विघ्नं कुरु मे देव शुभ कार्येषु सर्वदा ॥

भावार्थ :
हे हाथी के जैसे विशालकाय जिसका तेज सूर्य की सहस्त्र किरणों के समान हैं । बिना विघ्न के मेरा कार्य पूर्ण हो और सदा ही मेरे लिए शुभ हो ऐसी कामना करते है ।

नमामि देवं सकलार्थदं तं सुवर्णवर्णं भुजगोपवीतम्ं। गजाननं भास्करमेकदन्तं लम्बोदरं वारिभावसनं च॥

भावार्थ :
मैं उन भगवान् गजानन की वन्दना करता हूँ, जो समस्त कामनाओं को पूर्ण करनेवाले हैं, सुवर्ण तथा सूर्य के समान देदीप्यमान कान्ति से चमक रहे हैं, सर्पका यज्ञोपवीत धारण करते हैं, एकदन्त हैं, लम्बोदर हैं तथा कमल के आसनपर विराजमान हैं ।

एकदन्तं महाकायं लम्बोदरगजाननम्ं। विध्ननाशकरं देवं हेरम्बं प्रणमाम्यहम्॥

भावार्थ :
जो एक दाँत से सुशोभित हैं, विशाल शरीरवाले हैं, लम्बोदर हैं, गजानन हैं तथा जो विघ्नोंके विनाशकर्ता हैं, मैं उन दिव्य भगवान् हेरम्बको प्रणाम करता हूँ ।

विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय लम्बोदराय सकलाय जगद्धितायं। नागाननाय श्रुतियज्ञविभूषिताय गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते॥

भावार्थ :
विघ्नेश्वर, वर देनेवाले, देवताओं को प्रिय, लम्बोदर, कलाओंसे परिपूर्ण, जगत् का हित करनेवाले, गजके समान मुखवाले और वेद तथा यज्ञ से विभूषित पार्वतीपुत्र को नमस्कार है ; हे गणनाथ ! आपको नमस्कार है ।

द्वविमौ ग्रसते भूमिः सर्पो बिलशयानिवं। राजानं चाविरोद्धारं ब्राह्मणं चाप्रवासिनम्॥

भावार्थ :
जिस प्रकार बिल में रहने वाले मेढक, चूहे आदि जीवों को सर्प खा जाता है, उसी प्रकार शत्रु का विरोध न करने वाले राजा और परदेस गमन से डरने वाले ब्राह्मण को यह समय खा जाता है ।

गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारु भक्षणम्ं। उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम्॥

भावार्थ :
जो हाथी के समान मुख वाले हैं, भूतगणादिसे सदा सेवित रहते हैं, कैथ तथा जामुन फल जिनके लिए प्रिय भोज्य हैं, पार्वती के पुत्र हैं तथा जो प्राणियों के शोक का विनाश करनेवाले हैं, उन विघ्नेश्वर के चरणकमलों में नमस्कार करता हुँ।

रक्ष रक्ष गणाध्यक्ष रक्ष त्रैलोक्यरक्षकं। भक्तानामभयं कर्ता त्राता भव भवार्णवात्॥

भावार्थ :
हे गणाध्यक्ष रक्षा कीजिए, रक्षा कीजिये । हे तीनों लोकों के रक्षक! रक्षा कीजिए; आप भक्तों को अभय प्रदान करनेवाले हैं, भवसागर से मेरी रक्षा कीजिये ।

केयूरिणं हारकिरीटजुष्टं चतुर्भुजं पाशवराभयानिं। सृणिं वहन्तं गणपं त्रिनेत्रं सचामरस्त्रीयुगलेन युक्तम्॥

भावार्थ :
मैं उन भगवान् गणपतिकी वन्दना करता हूँ जो केयूर-हार-किरीट आदि आभूषणों से सुसज्जित हैं, चतुर्भुज हैं और अपने चार हाथों में पाशा अंकुश-वर और अभय मुद्रा को धारण करते हैं, जो तीन नेत्रों वाले हैं, जिन्हें दो स्त्रियाँ चँवर डुलाती रहती हैं ।

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Shubh Janmasthmi to all

|| श्रीकृष्णसहस्रनामावली ||
1. ॐ हरये स्वाहा
2. ॐ देवकीनंदनाय स्वाहा
3. ॐ कंसहन्त्रे स्वाहा
4. ॐ परात्मने स्वाहा
5. ॐ पीताम्बराय स्वाहा
6. ॐ पूर्णदेवाय स्वाहा
7. ॐ रमेशाय स्वाहा
8. ॐ कृष्णाय स्वाहा
9. ॐ परेशाय स्वाहा
10. ॐ पुराणाय स्वाहा
11. ॐ सुरेशाय स्वाहा
12. ॐ अच्युताय स्वाहा
13. ॐ वासुदेवाय स्वाहा
14. ॐ देवाय स्वाहा
15. ॐ धराभारहर्त्रे स्वाहा
16. ॐ कृतिने स्वाहा
17. ॐ राधिकेशाय स्वाहा
18. ॐ परस्मै स्वाहा
19. ॐ भूवराय स्वाहा
20. ॐ दिव्यगोलोकनाथाय स्वाहा
21. ॐ सुदाम्नस्तथाराधिकाशापहेतवे स्वाहा
22. ॐ घृणिने स्वाहा
23. ॐ मानिनीमानदाय स्वाहा
24. ॐ दिव्यलोकाय स्वाहा
25. ॐ लसद्गोपवेशाय स्वाहा
26. ॐ अजाय स्वाहा
27. ॐ राधिकात्मने स्वाहा
28. ॐ चलत्कुण्डलाय स्वाहा
29. ॐ कुंतलिने स्वाहा
30. ॐ कुन्तलस्रजे स्वाहा
31. ॐ कदाचिद्-राधाया रथस्थाय स्वाहा
32. ॐ दिव्यरत्नाय स्वाहा
33. ॐ सुधासौधभूचारणाय स्वाहा
34. ॐ दिव्यवाससे स्वाहा
35. ॐ कदावृन्दकारण्यचारिणे स्वाहा
36. ॐ स्वलोके महारत्नसिंहासनस्थाय स्वाहा
37. ॐ प्रशान्ताय स्वाहा
38. ॐ महाहंसभैश्चामरैर्वीज्यमानाय स्वाहा
39. ॐ चलच्छत्रमुक्तावलीशोभमानाय स्वाहा
40. ॐ सुखिने स्वाहा
41. ॐ कोटिकन्दर्पलीलाभिरामाय स्वाहा
42. ॐ क्वणन्नूपुरालंकृतांघ्रये स्वाहा
43. ॐ शुभांघ्रये स्वाहा
44. ॐ सुजानवे स्वाहा
45. ॐ रंभाशुभोरवे स्वाहा
46. ॐ कृशांगाय स्वाहा
47. ॐ प्रतापिने स्वाहा
48. ॐ इभशुण्डासुदोर्दण्डखण्डाय स्वाहा
49. ॐ जपापुष्पहस्ताय स्वाहा
50. ॐ शातोदरश्रिये स्वाहा
51. ॐ महापद्मवक्षः स्थलाय स्वाहा
52. ॐ चन्द्रहासाय स्वाहा
53. ॐ लसत्कुंददंताय स्वाहा
54. ॐ विम्बाधरश्रिये स्वाहा
55. ॐ शरत्पद्मनेत्राय स्वाहा
56. ॐ किरीटोज्ज्वलाभाय स्वाहा
57. ॐ सखीकोटिभिर्वर्त्तमानाय स्वाहा
58. ॐ निकुंजे प्रियाराधयारास सक्ताय स्वाहा
59. ॐ नवांगाय स्वाहा
60. ॐ धराब्रह्मरुद्रादिप्रार्थितसंधरा भारदूरीक्रियार्थं प्रजाताय स्वाहा
61. ॐ यदवे स्वाहा
62. ॐ देवकीसौख्यदाय स्वाहा
63. ॐ बंधनच्छिदे स्वाहा
64. ॐ सशेषाय स्वाहा
65. ॐ विभवे स्वाहा
66. ॐ योगमायिने स्वाहा
67. ॐ विष्णवे स्वाहा
68. ॐ व्रजे नंदपुत्राय स्वाहा
69. ॐ यशोदासुताख्याय स्वाहा
70. ॐ महासौख्यदाय स्वाहा
71. ॐ बालरूपाय स्वाहा
72. ॐ शुभांगाय स्वाहा
73. ॐ पूतनामोक्षदाय स्वाहा
74. ॐ श्यामरूपाय स्वाहा
75. ॐ दयालवे स्वाहा
76. ॐ अनोभंजनाय स्वाहा
77. ॐ पल्लवांघ्रये स्वाहा
78. ॐ तृणावर्त्तसंहारकारिणे स्वाहा
79. ॐ गोपाय स्वाहा
80. ॐ यशोदायशसे स्वाहा
81. ॐ विश्वरूपदर्शिने स्वाहा
82. ॐ गर्गदिष्टाय स्वाहा
83. ॐ भाग्योदयश्रिये स्वाहा
84. ॐ लसद्वालकेलये स्वाहा
85. ॐ सरामाय स्वाहा
86. ॐ सुवाचाय स्वाहा
87. ॐ क्वणन्नूपुरैः शब्दयुजे स्वाहा
88. ॐ जानुहस्तैर्व्रजशांगणेरिंगमाणाय स्वाहा
89. ॐ दधिस्पृशे स्वाहा
90. ॐ हैयंगवीदुग्धभोक्त्रे स्वाहा
91. ॐ दधिस्तेयकृते स्वाहा
92. ॐ दुग्धभुजे स्वाहा
93. ॐ भांडभेत्रे स्वाहा
94. ॐमृद्भुक्तवते स्वाहा
95. ॐ गोपजाय स्वाहा
96. ॐ विश्वरूपाय स्वाहा
97. ॐ प्रचण्डांशुचण्डप्रभामण्डितांगाय स्वाहा
98. ॐ यशोदाकरैर्बन्धनप्राप्ताय स्वाहा
99. ॐ आद्याय स्वाहा
100. ॐ मणिग्रीवमुक्तिप्रदाय स्वाहा
101. ॐ दामबद्धाय स्वाहा
102. ॐ कदा व्रजे गोपिकाभिः नृत्यमानाय स्वाहा
103. ॐ कदानन्दसन्नन्दकैर्लाल्यमानाय स्वाहा
104. ॐ कदागोपनन्दांकाय स्वाहा
105. ॐ गोपालरूपिणे स्वाहा
106. ॐ कलिन्दांगजाकूलगाय स्वाहा
107. ॐ वर्तमानाय स्वाहा
108. ॐ घनैर्मारुतेश्छन्नभाण्डीरदेशे नन्दहस्ताद् राधया गृहीतवराय स्वाहा
109. ॐ गोलोकलोकागते महारत्नसंघैर्युतैकदम्बावृतनिकुंजे राधिकासद्विवाहे ब्रह्मणा प्रतिष्ठानगताय स्वाहा
110. ॐ साममन्त्रपूजिताय स्वाहा
111. ॐ रसिने स्वाहा
112. ॐ मालतीनां वनेऽपि प्रियाराधया सह राधिकार्थं रासयुजे स्वाहा
113. ॐ रमेशः धरानाथाय स्वाहा
114. ॐ आनंददाय स्वाहा
115. ॐ अनिकेताय स्वाहा
116. ॐ वनेशाय स्वाहा
117. ॐ धनिने स्वाहा
118. ॐ सुन्दराय स्वाहा
119. ॐ गोपिकेशाय स्वाहा
120. ॐ कदा राधया नन्दगेहे प्रापिताय स्वाहा
121. ॐ यशोदाकरैर्लालिताय स्वाहा
122. ॐ मन्दहासाय स्वाहा
123. ॐ क्वापि भयिने स्वाहा
124. ॐ बृन्दारकारण्यवासिने स्वाहा
125. ॐ महामन्दिरवासकृते स्वाहा
126. ॐ देवपूज्याय स्वाहा
127. ॐ वने वत्सचारिणे स्वाहा
128. ॐ महावत्सहारिणे स्वाहा
129. ॐ बकारये स्वाहा
130. ॐ सुरपूजिताय स्वाहा
131. ॐ अघारिनाम्ने स्वाहा
132. ॐ वने वत्सकृते स्वाहा
133. ॐ गोपकृते स्वाहा
134. ॐ गोपवेशाय स्वाहा
135. ॐ कदाब्रह्मणा संस्तुताय स्वाहा
136. ॐ पद्मनाभाय स्वाहा
137. ॐ विहारिणे स्वाहा
138. ॐ तालभुजे स्वाहा
139. ॐ धेनुकारये स्वाहा
140. ॐ सदा रक्षकाय स्वाहा
141. ॐ गोविषार्ति-प्रणाशीकलिन्दांगजाकूलगाय स्वाहा
142. ॐ कालियस्य दमिने स्वाहा
143. ॐ फणेषु नृत्यकारिणे स्वाहा
144. ॐ प्रसिद्धाय स्वाहा
145. ॐ सलीलाय स्वाहा
146. ॐ शमिने स्वाहा
147. ॐ ज्ञानदाय स्वाहा
148. ॐ कामपूराय स्वाहा
149. ॐ गोपयुजे स्वाहा
150. ॐ गोपाय स्वाहा
151. ॐ आनंदकारिणे स्वाहा
152. ॐ स्थिराय स्वाहा
153. ॐ अग्नियुजे स्वाहा
154. ॐ पालकाय स्वाहा
155. ॐ बाललीलाय स्वाहा
156. ॐ सुरागाय स्वाहा
157. ॐ वंशीधराय स्वाहा
158. ॐ पुष्पशीलाय स्वाहा
159. ॐ प्रलम्बप्रभानाशकाय स्वाहा
160. ॐ गौरवर्णाय स्वाहा
161. ॐ बलाय स्वाहा
162. ॐ रोहिणीजाय स्वाहा
163. ॐ रामाय स्वाहा
164. ॐ शेषाय स्वाहा
165. ॐ बलिने स्वाहा
166. ॐ पद्मनेत्राय स्वाहा
167. ॐ कृष्णाग्रजाय स्वाहा
168. ॐ धरेशाय स्वाहा
169. ॐ फणीशाय स्वाहा
170. ॐ महासौख्यदाय नीलाम्बराभाय स्वाहा
171. ॐ अग्निहारकाय स्वाहा
172. ॐ ब्रजेशाय स्वाहा
173. ॐ शरद्ग्रीष्मवर्षाकराय स्वाहा
174. ॐ कृष्णावर्णाय स्वाहा
175. ॐ ब्रजे गोपिकापूजिताय स्वाहा
176. ॐ चीरहर्त्रे स्वाहा
177. ॐ कदम्बस्थिताय स्वाहा
178. ॐ चीरदाय स्वाहा
179. ॐ सुन्दरीशाय स्वाहा
180. ॐ सुधानाशकृते स्वाहा
181. ॐ यज्ञपत्नीमनः स्पृशे स्वाहा
182. ॐ कृपाकारकाय स्वाहा
183. ॐ केलिकर्त्रे स्वाहा
184. ॐ अवनीशाय स्वाहा
185. ॐ ब्रजेशक्रयागप्रणाशाय स्वाहा
186. ॐ अमिताशिने स्वाहा
187. ॐ शुनासीरमोहप्रदाय स्वाहा
188. ॐ बालरूपिणे स्वाहा
189. ॐ गिरिपूजकाय स्वाहा
190. ॐ नन्दपुत्राय स्वाहा
191. ॐ अगधाय स्वाहा
192. ॐ कृपाकृते स्वाहा
193. ॐ गोवर्द्धनोद्धारिनाम्ने स्वाहा
194. ॐ वातावर्षाहराय स्वाहा
195. ॐ रक्षकाय स्वाहा
196. ॐ व्रजाधीशगोपांगनाशंकिताय स्वाहा
197. ॐ अगेन्द्रोपरिशक्रपूज्याय स्वाहा
198. ॐ प्राक्‌स्तुताय स्वाहा
199. ॐ मृषाशिक्षकाय स्वाहा
200. ॐ ॐ गोविन्ददेवनाम्ने स्वाहा
201. ॐ व्रजाधीशरक्षाकराय स्वाहा
202. ॐ पाशिपूज्याय स्वाहा
203. ॐ अनुगैर्गोपजैर्दिव्यवैकुण्ठदर्शिने स्वाहा
204. ॐ चलच्चारु-वंशी-क्वणाय स्वाहा
205. ॐ कामिनीशाय स्वाहा
206. ॐ व्रजे कामिनीमोहदाय स्वाहा
207. ॐ कामरूपाय स्वाहा
208. ॐ रसाक्ताय स्वाहा
209. ॐ रसी-रासकृते स्वाहा
210. ॐ राधिकेशाय स्वाहा
211. ॐ महामोहदाय स्वाहा
212. ॐ मानिनीमानहारिणे स्वाहा
213. ॐ विहारीवराय स्वाहा
214. ॐ मानहृताय स्वाहा
215. ॐ राधिकांगाय स्वाहा
216. ॐ धराद्वीपगाय स्वाहा
217. ॐ खण्डचारिणे स्वाहा
218. ॐ वनस्थाय स्वाहा
219. ॐ प्रियाय स्वाहा
220. ॐ अष्टवक्रर्षिद्रष्ट्रे स्वाहा
221. ॐ सराधाय स्वाहा
222. ॐ महामोक्षदाय स्वाहा
223. ॐ प्रियार्थ-पद्महारिणे स्वाहा
224. ॐ वटस्थाय स्वाहा
225. ॐ सुराय स्वाहा
226. ॐ चन्दनाक्ताय स्वाहा
227. ॐ प्रसक्ताय स्वाहा
228. ॐ राधया व्रजमागताय स्वाहा
229. ॐ मोहिनीषुमहामोहकृते स्वाहा
230. ॐ गोपिकागीतकीर्त्तये स्वाहा
231. ॐ रसस्थाय स्वाहा
232. ॐ पटिने स्वाहा
233. ॐ दुःखिताकामिनीशाय स्वाहा
234. ॐ वने गोपिकात्यागकृते स्वाहा
235. ॐ पादचिह्नप्रदर्शिने स्वाहा
236. ॐ कलाकारकाय स्वाहा
237. ॐ काममोहिने स्वाहा
238. ॐ वशिने स्वाहा
239. ॐ गोपिकामध्यगाय स्वाहा
240. ॐ पेशवाचाय स्वाहा
241. ॐ प्रियाप्रीतिकृते स्वाहा
242. ॐ रासरक्ताय स्वाहा
243. ॐ कलेशाय स्वाहा
244. ॐ रसारक्तचित्ताय स्वाहा
245. ॐ अनन्तस्वरूपाय स्वाहा
246. ॐ स्रजासंवृताय स्वाहा
247. ॐ वल्लवीमध्यसंस्थाय स्वाहा
248. ॐ सुबाहवे स्वाहा
249. ॐ सुपादाय स्वाहा
250. ॐ सुवेशाय स्वाहा
251. ॐ सुकेशव्रजेशाय स्वाहा
252. ॐ सख्ये स्वाहा
253. ॐ वल्लभेशाय स्वाहा
254. ॐ सुदेशाय स्वाहा
255. ॐ क्वणत्किंकिणीजालभृते स्वाहा
256. ॐ नूपुराढ्याय स्वाहा
257. ॐ लसत्कंकणाय स्वाहा
258. ॐ अंगदिने स्वाहा
259. ॐ हारभाराय स्वाहा
260. ॐ किरीटिने स्वाहा
261. ॐ चलत्कुण्डलाय स्वाहा
262. ॐ अंगुलीयस्फुरत्कौस्तुभाय स्वाहा
263. ॐ मालतीमण्डितांगाय स्वाहा
264. ॐ महानृत्यकृते स्वाहा
265. ॐ रासरंगाय स्वाहा
266. ॐ कालाढ्याय स्वाहा
267. ॐ चलद्धारभाय स्वाहा
268. ॐ भामिनीनृत्ययुक्ताय स्वाहा
269. ॐ कलिन्दांगजाकेलिकृते स्वाहा
270. ॐ कुंकुमश्रिये स्वाहा
271. ॐ नायिकानायकसुरैर्गीयमानाय स्वाहा
272. ॐ सुखाढ्याय स्वाहा
273. ॐ राधापतये स्वाहा
274. ॐ पूर्णबोधाय स्वाहा
275. ॐ कुटिलकटाक्षस्मितिने स्वाहा
276. ॐ वल्गितभ्रूविलासाय स्वाहा
277. ॐ सुरम्याय स्वाहा
278. ॐ अलिभिःकुन्तलालोलकेशाय स्वाहा
279. ॐ स्फुरद्वर्हकुन्दस्रजाचारुवेशाय स्वाहा
280. ॐ महासर्पतोनंदरक्षापरांघ्रिये स्वाहा
281. ॐ सदा मोक्षदाय स्वाहा
282. ॐ शंखचूडप्रणाशिने स्वाहा
283. ॐ प्रजारक्षकाय स्वाहा
284. ॐ गोपिकागीयमानाय स्वाहा
285. ॐ कुद्मिप्रणाशप्रयासाय स्वाहा
286. ॐ सुरेज्याय स्वाहा
287. ॐ कलये स्वाहा
288. ॐ क्रोधकृते स्वाहा
289. ॐ कंसमन्त्रोपदेष्ट्रे स्वाहा
290. ॐ अक्रूरमन्त्रोपदेशिने स्वाहा
291. ॐ सुरार्थाय स्वाहा
292. ॐ केशिघ्ने स्वाहा
293. ॐ पुष्पवर्षामलश्रिये स्वाहा
294. ॐ अमलश्रिये स्वाहा
295. ॐ नारदादेशतो व्योमहन्त्रे स्वाहा
296. ॐ अक्रूरसेवापराय स्वाहा
297. ॐ सर्वदर्शिने स्वाहा
298. ॐ व्रजे गोपिकामोहदाय स्वाहा
299. ॐ कूलवर्त्तिने स्वाहा
300. ॐ सतीराधिकाबोधदाय स्वाहा
301. ॐ स्वप्नकर्त्रे स्वाहा
302. ॐ विलासिने स्वाहा
303. ॐ महामोहनाशिने स्वाहा
304. ॐ स्वबोधाय स्वाहा
305. ॐ व्रजे शापतस्त्यक्तराधासकाशाय स्वाहा
306. ॐ महामोहदावाग्निदग्धापतये स्वाहा
307. ॐ सखीबन्धनान्मोचिताक्रूराय स्वाहा
308. ॐ आरात्सखीकंकणैस्ताडिताक्रूररक्षिणे स्वाहा
309. ॐ व्रजे राधया रथस्थाय स्वाहा
310. ॐ कृष्णचन्द्राय स्वाहा
311. ॐ गोपकैःसुगुप्तगमिने स्वाहा
312. ॐ चारुलीलाय स्वाहा
313. ॐ जले अक्रूरसंदर्शिताय स्वाहा
314. ॐ दिव्यरूपाय स्वाहा
315. ॐ दिदृक्षवे स्वाहा
316. ॐ पुरीमोहिनीचित्तमोहिने स्वाहा
317. ॐ रंगकारप्रणाशिने स्वाहा
318. ॐ सुवस्त्राय स्वाहा
319. ॐ स्रजिने स्वाहा
320. ॐ वायकप्रीतिकृते स्वाहा
321. ॐ मालिपूज्याय स्वाहा
322. ॐ महाकीर्त्तिदाय स्वाहा
323. ॐ कुब्जाविनोदिने स्वाहा
324. ॐ स्फुरच्चण्डकोदण्डरुग्णाय स्वाहा
325. ॐ प्रचण्डाय स्वाहा
326. ॐ भटार्त्तिप्रदाय स्वाहा
327. ॐ कंसदुःस्वप्नकारिणे स्वाहा
328. ॐ महामल्लवेशाय स्वाहा
329. ॐ करीन्द्रप्रहारिणे स्वाहा
330. ॐ महामात्यघ्ने स्वाहा
331. ॐ रंगभूमिप्रवेशिने स्वाहा
332. ॐ रसाढ्याय स्वाहा
333. ॐ यशःस्पृशे स्वाहा
334. ॐ बलीवाक्पटुश्रिये स्वाहा
335. ॐ महामल्लघ्ने स्वाहा
336. ॐ युद्धकृते स्वाहा
337. ॐ स्त्रीवचोऽर्थिने स्वाहा
338. ॐ धरानायककंसहन्त्रे स्वाहा
339. ॐ प्राग्‌यदवे स्वाहा
340. ॐ सदापूजिताय स्वाहा
341. ॐ उग्रसेनप्रसिद्धाय स्वाहा
342. ॐ धराराज्यदाय स्वाहा
343. ॐ यादवैर्मण्डितांगाय स्वाहा
344. ॐ गुरोः पुत्रदाय स्वाहा
345. ॐ ब्रह्मविदे स्वाहा
346. ॐ ब्रह्मपाठिने स्वाहा
347. ॐ महाशंखग्ने स्वाहा
348. ॐ दण्डधृकृपूज्याय स्वाहा
349. ॐ व्रजे उद्धवप्रेषिताय स्वाहा
350. ॐ गोपमोहिने स्वाहा
351. ॐ यशोदाघृणिने स्वाहा
352. ॐ गोपिकाज्ञानदेशिने स्वाहा
353. ॐ सदास्नेहकृते स्वाहा
354. ॐ कुब्जापूजितांगाय स्वाहा
355. ॐ अक्रूरगेहगमिने स्वाहा
356. ॐ मन्त्रवेत्रे स्वाहा
357. ॐ पाण्डवप्रेषिताक्रूराय स्वाहा
358. ॐ सुखीसर्वदर्शिने स्वाहा
359. ॐ नृपानन्दकारिणे स्वाहा
360. ॐ महाक्षौहिणीघ्ने स्वाहा
361. ॐ जरासन्धमानोद्धराय स्वाहा
362. ॐ द्वारकाकारकाय स्वाहा
363. ॐ मोक्षकर्त्रे स्वाहा
364. ॐ रणिने स्वाहा
365. ॐ सार्वभौमस्तुताय स्वाहा
366. ॐ ज्ञानदात्रे स्वाहा
367. ॐ जरासन्धसंकल्पकृते स्वाहा
368. ॐ धावदंगघ्रिये स्वाहा
369. ॐ नगादुत्पन्द्वारकामध्यवर्तिने स्वाहा
370. ॐ रेवतीभूषणाय स्वाहा
371. ॐ तालचिह्नयदवे स्वाहा
372. ॐ रुक्मिणीहारकाय स्वाहा
373. ॐ चैद्यभेद्याय स्वाहा
374. ॐ रुक्मिरूपप्रणाशिने स्वाहा
375. ॐ सुखाशिने स्वाहा
376. ॐ अनन्ताय स्वाहा
377. ॐ माराय स्वाहा
378. ॐ कार्ष्णिने स्वाहा
379. ॐ कामाय स्वाहा
380. ॐ मनोजाय स्वाहा
381. ॐ शम्बरारये स्वाहा
382. ॐ रतीशाय स्वाहा
383. ॐ रथिने स्वाहा
384. ॐ मन्मथाय स्वाहा
385. ॐ मीनकेतवे स्वाहा
386. ॐ शरिणे स्वाहा
387. ॐ स्मराय स्वाहा
388. ॐ दर्पकाय स्वाहा
389. ॐ मानघ्ने स्वाहा
390. ॐ पंचबाणाय स्वाहा
391. ॐ प्रियसत्यभामापतये स्वाहा
392. ॐ यादवेशायस्वाहा
393. ॐ सत्राजित्‌ प्रेमपूराय स्वाहा
394. ॐ प्रहासाय स्वाहा
395. ॐ महारत्नदाय स्वाहा
396. ॐ जाम्बवद्युद्धकारिणे स्वाहा
397. ॐ महाचक्रधृषे स्वाहा
398. ॐ खंगधृषे स्वाहा
399. ॐ रामसन्धये स्वाहा
400. ॐ विहारस्थिताय स्वाहा
401. ॐ पाण्डवप्रेमकारिणे स्वाहा
402. ॐ कलिन्दांगगजामोहनाय स्वाहा
403. ॐ खाण्डवार्थिने स्वाहा
404. ॐ फाल्गुनप्रीतिकृत्सख्येस्वाहा
405. ॐ नम्नकर्त्रे स्वाहा
406. ॐ मित्रविन्दापतये स्वाहा
407. ॐ क्रीडनार्थिने स्वाहा
408. ॐ नृपप्रेमकृते स्वाहा
409. ॐ सप्तरूपगोजयिने स्वाहा
410. ॐ सत्यापतये स्वाहा
411. ॐ पारिबर्हिणे स्वाहा
412. ॐ यथेष्टाय स्वाहा
413. ॐ नृपैः संवृताय स्वाहा
414. ॐ भद्रापतये स्वाहा
415. ॐ मधोर्विलासिने स्वाहा
416. ॐ मानिनीशाय स्वाहा
417. ॐ जनेशाय स्वाहा
418. ॐ शुनासीरमोहावृताय स्वाहा
419. ॐ सत्यभार्याय स्वाहा
420. ॐ सतार्क्ष्याय स्वाहा
421. ॐ मुरारये स्वाहा
422. ॐ पुरीसंघभेत्रे स्वाहा
423. ॐ सुवीरशिरःखण्डनाय स्वाहा
424. ॐ दैत्यनाशिने स्वाहा
425. ॐ शरिणे भौमघ्ने स्वाहा
426. ॐ चण्डवेगाय स्वाहा
427. ॐ प्रवीराय स्वाहा
428. ॐ धरासंस्तुताय स्वाहा
429. ॐ कुण्डलछत्रहर्त्रे स्वाहा
430. ॐ महारत्नयुजे स्वाहा
431. ॐ राजकन्याभिरामाय स्वाहा
432. ॐ शचीपूजिताय स्वाहा
433. ॐ शक्रजिते स्वाहा
434. ॐ मानहर्त्रे स्वाहा
435. ॐ पारिजातापहारिरमेशाय स्वाहा
436. ॐ गृहीचामरैः शोभिताय स्वाहा
437. ॐ भीष्मककन्यापतये स्वाहा
438. ॐ हास्यकृते स्वाहा
439. ॐ मानिनीमानकारिणे स्वाहा
440. ॐ रुक्मिणीवाक्पटवे स्वाहा
441. ॐ प्रेमगेहाय स्वाहा
442. ॐ सतीमोहनाय स्वाहा
443. ॐ कामदेवापरश्रिये स्वाहा
444. ॐ सुदेष्णाय स्वाहा
445. ॐ सुचारवे स्वाहा
446. ॐ चारुदेष्णाय स्वाहा
447. ॐ चारुदेहाय स्वाहा
448. ॐ बलीचारुगुप्ताय स्वाहा
449. ॐ सुतीभद्रचारवे स्वाहा
450. ॐ चारुचन्द्राय स्वाहा
451. ॐ विचारवे स्वाहा
452. ॐ चारवे स्वाहा
453. ॐ रथीपुत्ररूपाय स्वाहा
454. ॐ सुभानवे स्वाहा
455. ॐ प्रभानवे स्वाहा
456. ॐ चन्द्रभानवे स्वाहा
457. ॐ बृहद्भानवे स्वाहा
458. ॐ अष्टभानवे स्वाहा
459. ॐ साम्बाय स्वाहा
460. ॐ सुमित्राय स्वाहा
461. ॐ क्रतवे स्वाहा
462. ॐ चित्रकेतवे स्वाहा
463. ॐ वीर-अश्वसेनाय स्वाहा
464. ॐ वृषाय स्वाहा
465. ॐ चित्रगवे स्वाहा
466. ॐ चन्द्रबिम्बाय स्वाहा
467. ॐ विशंगवे स्वाहा
468. ॐ वसवे स्वाहा
469. ॐ श्रुताय स्वाहा
470. ॐ भद्राय स्वाहा
471. ॐ सुबाहवेवृषाय स्वाहा
472. ॐ पूर्णमासाय स्वाहा
473. ॐ सोमावराय स्वाहा
474. ॐ शान्तये स्वाहा
475. ॐ प्रघोषाय स्वाहा
476. ॐ सिंहाय स्वाहा
477. ॐ बलोर्ध्वराय स्वाहा
478. ॐ वर्धनाय स्वाहा
479. ॐ उन्नादाय स्वाहा
480. ॐ महाशाय स्वाहा
481. ॐ वृकाय स्वाहा
482. ॐ पावनाय स्वाहा
483. ॐ वह्निमित्राय स्वाहा
484. ॐ क्षुधये स्वाहा
485. ॐ हर्षकाय स्वाहा
486. ॐ अनिलाय स्वाहा
487. ॐ अमित्रजिते स्वाहा
488. ॐ सुभद्राय स्वाहा
489. ॐ जयोय स्वाहा
490. ॐ सत्यकाय स्वाहा
491. ॐ वामाय स्वाहा
492. ॐ आयुषे यदवे स्वाहा
493. ॐ कोटिशः पुत्रपौत्रप्रसिद्धाय स्वाहा
494. ॐ हलीदण्डधृषे स्वाहा
495. ॐ रुक्मघ्ने स्वाहा
496. ॐ अनिरुद्धाय स्वाहा
497. ॐ राजभिर्हास्यगाय स्वाहा
498. ॐ द्यूतकर्त्रे स्वाहा
499. ॐ मधवे स्वाहा
500. ॐ ब्रह्मसुवे स्वाहा
501. ॐ बाणपुत्रीपतये स्वाहा
502. ॐ महासुन्दराय स्वाहा
503. ॐ कामपुत्राय स्वाहा
504. ॐ बलीशाय स्वाहा
505. ॐ महादैत्यसंग्रामकृद्-याद-वेशाय स्वाहा
506. ॐ पुरीभंजनाय स्वाहा
507. ॐ भूतसंत्रासकारिणे स्वाहा
508. ॐ मृधे रुद्रजिते स्वाहा
509. ॐ रुद्रमोहिने स्वाहा
510. ॐ मृधार्थिने स्वाहा
511. ॐ स्कन्दजिते स्वाहा
512. ॐ कूपकर्णप्रहारिणे स्वाहा
513. ॐ धनुर्भंजनाय स्वाहा
514. ॐ बाणामानप्रहारिणे स्वाहा
515. ॐ ज्वरोत्पत्तिकृतेस्वाहा
516. ॐ ज्वरेणसंस्तुताय स्वाहा
517. ॐ भुजाच्छेदकृते स्वाहा
518. ॐ बाणसंत्रासकर्त्रे स्वाहा
519. ॐ मृणप्रस्तुताय स्वाहा
520. ॐ युद्धकृते स्वाहा
521. ॐ भूमिभर्त्रे स्वाहा
522. ॐ नृगमुक्तिदाय स्वाहा
523. ॐ यादवानां ज्ञानदाय स्वाहा
524. ॐ रथस्थाय स्वाहा
525. ॐ व्रजप्रेमपाय स्वाहा
526. ॐ गोपमुख्याय स्वाहा
527. ॐ महासुन्दरीक्रीडिताय स्वाहा
528. ॐ पुष्पमालिने स्वाहा
529. ॐ कलिन्दांगगजाभेदनाय स्वाहा
530. ॐ सीरपाणये स्वाहा
531. ॐ महादम्भिघ्ने स्वाहा
532. ॐ पौण्ड्रमानप्रहारिणे स्वाहा
533. ॐ शिरश्छेदकाय स्वाहा
534. ॐ काशिराजप्रणाशिने स्वाहा
535. ॐ महाअक्षौहिणीध्वंसकृते स्वाहा
536. ॐ. चक्रहस्ताय स्वाहा
537. ॐ पुरीदीपकाय स्वाहा
538. ॐ राक्षसीनाशकर्त्रे स्वाहा
539. ॐ अनन्ताय स्वाहा
540. ॐ महीध्राय स्वाहा
541. ॐ फणिने स्वाहा
542. ॐ वानरारये स्वाहा
543. ॐ स्फुरद्-गौरवर्णाय स्वाहा
544. ॐ महापद्मिनेत्राय स्वाहा
545. ॐ कुरुग्रामतिर्यग्गतये स्वाहा
546. ॐ गौरवार्थकौरवस्तुताय स्वाहा
547. ॐ ससाम्बपारिबर्हिणे स्वाहा
548. ॐ महावैभविने स्वाहा
549. ॐ द्वारकेशाय स्वाहा
550. ॐ अनेकाय स्वाहा
551. ॐ चलन्नारदाय स्वाहा
552. ॐ श्रीप्रभादर्शकाय स्वाहा
553. ॐ महर्षिस्तुताय स्वाहा
554. ॐ ब्रह्मदेवाय स्वाहा
555. ॐ पुराणाय स्वाहा
556. ॐ सदाषोडशस्त्रीसहस्थिताय स्वाहा
557. ॐ गृहिणे स्वाहा
558. ॐ लोकरक्षापराय स्वाहा
559. ॐ लोकरीतये स्वाहा
560. ॐ प्रभवे स्वाहा
561. ॐ उग्रसेनावृताय स्वाहा
562. ॐ दुर्गयुक्ताय स्वाहा
563. ॐ राजदूतस्तुताय स्वाहा
564. ॐ बन्धभेतृस्थिताय स्वाहा
565. ॐ नारदप्रस्तुताय स्वाहा
566. ॐ पाण्डववार्थिने स्वाहा
567. ॐ नृपैर्मन्त्रकृते स्वाहा
568. ॐ उद्धवप्रीतिपूर्णाय स्वाहा
569. ॐ पुत्रपौत्रैर्वृताय स्वाहा
570. ॐ कुरुग्रामगन्ताघृणिने स्वाहा
571. ॐ धर्मराजस्तुताय स्वाहा
572. ॐ भीमयुक्ताय स्वाहा
573. ॐ परानन्ददाय स्वाहा
574. ॐ धर्मजेन मन्त्रकृते स्वाहा
575. ॐ दिशाजिताबलिने स्वाहा
576. ॐ राजसूयार्थकारिणे स्वाहा
577. ॐ जरासन्धघ्ने स्वाहा
578. ॐ भीमसेनस्वरूपाय स्वाहा
579. ॐ विप्ररूपाय स्वाहा
580. ॐ गदायुद्धकर्त्रे स्वाहा
581. ॐ कृपालवे स्वाहा
582. ॐ महाबन्धनच्छेदकारिणे स्वाहा
583. ॐ नृपैः संस्तुताय स्वाहा
584. ॐ धर्मगेहमागताय स्वाहा
585. ॐ द्विजैः संवृताय स्वाहा
586. ॐ यज्ञसंभारकर्त्रे स्वाहा
587. ॐ जनैः पूजिताय स्वाहा
588. ॐ चैद्यदुर्वाक्‌क्षमाय स्वाहा
589. ॐ महामोक्षदाय स्वाहा
590. ॐ अरेः शिरच्छेदकारिणे स्वाहा
591. ॐ महायज्ञशोभाकराय स्वाहा
592. ॐ चक्रवर्त्तीनृपानन्दकारिणे स्वाहा
593. ॐ सुहारिणे विहारिणे स्वाहा
594. ॐ सभासंवृताय स्वाहा
595. ॐ कौरवस्य स्वाहा
596. ॐ शाल्वसंहारकाय स्वाहा
597. ॐ यानहन्त्रे स्वाहा
598. ॐ सभोजाय स्वाहा
599. ॐ वृष्णिने स्वाहा
600. ॐ मधवे स्वाहा
601. ॐ शूरसेनाय स्वाहा
602. ॐ दशार्हाय स्वाहा
603. ॐ यदवे अन्धकाय स्वाहा
604. ॐ लोकजिते स्वाहा
605. ॐ द्युमन्मानहारिणे स्वाहा
606. ॐ वर्मधृषे स्वाहा
607. ॐ दिव्यशस्त्रिणे स्वाहा
608. ॐ स्वबोधाय स्वाहा
609. ॐ सदारक्षकाय स्वाहा
610. ॐ दैत्यहन्त्रे स्वाहा
611. ॐ दन्तवक्त्रप्रणाशिने स्वाहा
612. ॐ गदाधृषे स्वाहा
613. ॐ जगत्तीर्थयात्राकराय स्वाहा
614. ॐ पद्महाराय स्वाहा
615. ॐ कुशीसूतहन्त्र स्वाहा
616. ॐ कृपाकृते स्वाहा
617. ॐ स्मृतीशाय स्वाहा
618. ॐ अमलाय स्वाहा
619. ॐ बल्वलांगप्रभाखण्डकारिणे स्वाहा
620. ॐ भीमदुर्योधनज्ञानदात्रे स्वाहा
621. ॐ अपराय स्वाहा
622. ॐ रोहिणीसौख्यदाय स्वाहा
623. ॐ रेवतीशाय स्वाहा
624. ॐ महादानकृते स्वाहा
625. ॐ विप्रदारिद्र्‌यघ्ने स्वाहा
626. ॐ सदाप्रेमयुजे स्वाहा
627. ॐ श्रीसुदाम्नः सहायाय स्वाहा
628. ॐ सरामाय भार्गवक्षेत्रगन्त्रे स्वाहा
629. ॐ श्रुतेसूर्योपरागेसर्वदर्शिने स्वाहा
630. ॐ महासेनाऽऽस्थिताय स्वाहा
631. ॐ स्नानयुक्ताय महादानकृते स्वाहा
632. ॐ मित्रसम्मेलनार्थिने स्वाहा
633. ॐ पाण्डवप्रीतिदाय स्वाहा
634. ॐ कुन्तिजार्थिने स्वाहा
635. ॐ विशालाक्षमोहप्रदाय स्वाहा
636. ॐ शान्तिदाय स्वाहा
637. ॐ सखीकोटिभिर्गोपिकाभिःसहवटे राधिकाऽऽराधनाय स्वाहा
638. ॐ राधिकाप्राणनाथाय स्वाहा
639. ॐ सखीमोहदावाग्निघ्ने स्वाहा
640. ॐ वैभववेशाय स्वाहा
641. ॐ स्फुरत्कोटिकन्दर्पलीलाविशेषाय स्वाहा
642. ॐ सखीराधिकादुःखनाशिने स्वाहा
643. ॐ विलासिने स्वाहा
644. ॐ सखीमध्यगाय स्वाहा
645. ॐ शापघ्ने स्वाहा
646. ॐ माधवीशाय स्वाहा
647. ॐ शतवर्षविक्षेपहृते स्वाहा
648. ॐ नन्दपुत्राय स्वाहा
649. ॐ नन्दवक्षोगताय स्वाहा
650. ॐ शीतलांगाय स्वाहा
651. ॐ यशोदाशुचः स्नानकृते स्वाहा
652. ॐ दुःखहन्त्रे स्वाहा
653. ॐ सदागोपिकानेत्रलग्नवज्रेशाय स्वाहा
654. ॐ देवकीरोहिणीस्तुताय स्वाहा
655. ॐ सुरेन्द्राय स्वाहा
656. ॐ रहो गोपिकाज्ञानदाय स्वाहा
657. ॐ मानदाय स्वाहा
658. ॐ पट्टराज्ञीभिः आरासंस्तुताय धनिने स्वाहा
659. ॐ सदालक्ष्मणाप्राणनाथाय स्वाहा
660. ॐ सदाषोडशस्त्रीसहस्रस्तुतांगाय स्वाहा
661. ॐ शुकाय स्वाहा
662. ॐ व्यासदेवाय स्वाहा
663. ॐ सुमन्तवे स्वाहा
664. ॐ सिताय स्वाहा
665. ॐ भरद्वाजकाय स्वाहा
666. ॐ गौतमाय स्वाहा
667. ॐ आसुरये स्वाहा
668. ॐ सद्वशिष्ठाय स्वाहा
669. ॐ शतानन्दाय स्वाहा
670. ॐ आद्यरामाय स्वाहा
671. ॐ पर्वतमुनये स्वाहा
672. ॐ नारदाय स्वाहा
673. ॐ धौम्याय स्वाहा
674. ॐ इन्द्राय स्वाहा
675. ॐ आसिताय स्वाहा
676. ॐ अत्रये स्वाहा
677. ॐ विभाण्डाय स्वाहा
678. ॐ प्रचेतसे स्वाहा
679. ॐ कृपाय स्वाहा
680. ॐ कुमाराय स्वाहा
681. ॐ सनन्दाय स्वाहा
682. ॐ याज्ञवल्क्याय स्वाहा
683. ॐ ऋभवे स्वाहा
684. ॐ अंगिरसे स्वाहा
685. ॐ देवलाय स्वाहा
686. ॐ श्रीमृकण्डाय स्वाहा
687. ॐ मरीचये स्वाहा
688. ॐ क्रतवे स्वाहा
689. ॐ और्वकाय स्वाहा
690. ॐ लोमशाय स्वाहा
691. ॐ पुलस्त्याय स्वाहा
692. ॐ भृगवे स्वाहा
693. ॐ ब्रह्मरातवशिष्ठाय स्वाहा
694. ॐ नरनारायणाय स्वाहा
695. ॐ दत्ताय स्वाहा
696. ॐ पाणिनये स्वाहा
697. ॐ पिंगलाय स्वाहा
698. ॐ भाष्यकाराय स्वाहा
699. ॐ कात्यायनाय स्वाहा
700. ॐ विप्रपातंजलिने स्वाहा
701. ॐ गर्गाय स्वाहा
702. ॐ गुरवे स्वाहा
703. ॐ गीष्पतये स्वाहा
704. ॐ गौतमीशाय स्वाहा
705. ॐ मुनिजाजलिने स्वाहा
706. ॐ कश्यपाय स्वाहा
707. ॐ गालवाय स्वाहा
708. ॐ द्विजसौभरये स्वाहा
709. ॐ ऋष्यश्रृंगाय स्वाहा
710. ॐ कण्वाय स्वाहा
711. ॐ द्विताय स्वाहा
712. ॐ एकताय स्वाहा
713. ॐ जातूद्भवाय स्वाहा
714. ॐ घनाय स्वाहा
715. ॐ कर्दमात्मजाय स्वाहा
716. ॐ कर्दमाय स्वाहा
717. ॐ भार्गवाय स्वाहा
718. ॐ कौत्साय स्वाहा
719. ॐ आरुणये स्वाहा
720. ॐ शुचिपिप्पलादाय स्वाहा
721. ॐ मृकण्डपुत्राय स्वाहा
722. ॐ पैलाय स्वाहा
723. ॐ जैमिनये स्वाहा
724. ॐ सत्सुमन्तवे स्वाहा
725. ॐ वरो गांगलाय स्वाहा
726. ॐ स्फोटगेहफलादाय स्वाहा
727. ॐ सदापूजितब्राह्मणाय स्वाहा
728. ॐ सर्वरूपिणे स्वाहा
729. ॐ महामोहनाशमुनीशाय स्वाहा
730. ॐ प्रागमराय स्वाहा
731. ॐ मुनीशस्तुताय स्वाहा
732. ॐ शौरिविज्ञानदात्रे स्वाहा
733. ॐ महायज्ञकृते स्वाहा
734. ॐ अवभृथस्नानपूज्याय स्वाहा
735. ॐ सदादक्षिणादाय स्वाहा
736. ॐ नृपैः पारिवर्हिषे स्वाहा
737. ॐ व्रजानन्ददाय स्वाहा
738. ॐ द्वारकागेहदर्शिने स्वाहा
739. ॐ महाज्ञानदाय स्वाहा
740. ॐ देवकीपुत्रदाय स्वाहा
741. ॐ असुरैः पूजिताय स्वाहा
742. ॐ इन्द्रसेनादृताय स्वाहा
743. ॐ सदाफाल्गुनप्रीतिकृते स्वाहा
744. ॐ सत्यसुभद्राविवाहद्विपाश्व प्रदाय स्वाहा
745. ॐ मानयानाय स्वाहा
746. ॐ भुवे स्वाहा
747. ॐ मैथिलेन प्रयुक्ताय स्वाहा
748. ॐ आशु ब्र

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